41° पारा और AC की तपिश: मुरादाबाद में बम की तरह फटा LPG सिलेंडर, 100 मीटर दूर गिरे लोहे के परखच्चे, कई मकानों में आईं दरारें

क्षतिग्रस्त हुआ मकान.
Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से भीषण गर्मी और अनजाने में हुई तकनीकी लापरवाही का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने सबको झंझोर कर रख दिया है. शहर के घनी आबादी वाले लालबाग इलाके में एक तीन मंजिला मकान की छत पर रखा एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया. राहत की बात यह रही कि इस भयानक दुर्घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ, लेकिन विस्फोट की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि सिलेंडर के लोहे के परखच्चे करीब 100 मीटर की परिधि में जाकर गिरे. इस अप्रत्याशित धमाके के कारण आस-पास के कई मकानों की दीवारें हिल गईं और उनमें गहरी दरारें आ गईं.
स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हादसे के वक्त क्षेत्र का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका था. चिलचिलाती धूप के साथ-साथ सिलेंडर के ठीक बगल में चल रही एयर कंडीशनर (AC) की आउटडोर यूनिट से निकलने वाली गर्म हवा ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया.
मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने बताया: “अत्यधिक हीट ओवरलोड होने की वजह से गैस का दबाव बर्दाश्त से बाहर हो गया और यह ब्लास्ट हुआ. हम आम जनता से अपील करते हैं कि वे गैस सिलेंडरों को हमेशा सीधी धूप और गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों से दूर, किसी ठंडे व हवादार स्थान पर ही रखें.”
लापरवाही की रात और दोपहर का तांडव
दरअसल, यह पूरा हादसा मुगलपुरा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले लालबाग की गली नंबर एक का है. यहाँ डिश केबल ऑपरेटर मोहम्मद इमरान का परिवार निवास करता है. रात के समय घर में मेहमानों के आगमन के कारण छत के खुले माहौल में भोजन पकाया गया था. कार्यक्रम की समाप्ति के बाद परिजन सिलेंडर और चूल्हा वहीं छत पर छोड़कर नीचे कमरे में सोने चले गए.
दबाव से हुआ ब्लास्ट
अगले दिन दोपहर में जब सूरज की तपिश चरम पर थी और पास में लगी एसी की आउटडोर यूनिट लगातार गर्म हवा फेंक रही थी, तभी तापमान सीमा से बाहर हो गया. अत्यधिक दबाव के कारण सिलेंडर अचानक बम की तरह फट गया, जिससे उड़ती हुई ईंटों और लोहे के टुकड़ों ने आस-पड़ोस की छतों को अपनी चपेट में ले लिया.
क्षतिग्रस्त हुए मकान, बाल-बाल बचीं जानें
इस विस्फोट की तीव्रता इतनी भीषण थी कि पड़ोस में रहने वाले दीपक दिवाकर के घर पर रखी पानी की टंकी पूरी तरह नष्ट हो गई. वहीं, अन्य पड़ोसी कलुआ, गौरव और रितिक के मकानों की छतों पर भारी मलबा गिरने से उनकी दीवारों में गहरी दरारें आ गईं.
गनीमत यह रही कि दोपहर की चिलचिलाती धूप के कारण लोग अपने-अपने घरों के भीतर थे और छतों या गलियों में कोई आवाजाही नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. धमाके की गूंज सुनकर बदहवास लोग सड़कों पर आ गए थे. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और मलबे को हटाया.





