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‘साहब बचा लो, बेटी करती है मारपीट’…कानपुर में बुजुर्ग महिला ने डीएम से लगाई गुहार, जानें क्या है पूरा मामला

‘साहब बचा लो, बेटी करती है मारपीट’…कानपुर में बुजुर्ग महिला ने डीएम से लगाई गुहार, जानें क्या है पूरा मामला

बुजुर्ग मां-बाप को बेटे या बहू द्वारा प्रताड़ित किए जाने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, लेकिन कानपुर नगर के एक छोटे से गांव में रिश्तों का समीकरण उल्टा दिखाई दिया. यहां एक वृद्ध मां अपनी ही बेटी से परेशान होकर जनतादर्शन में जिलाधिकारी के सामने पहुंच गई. उसकी शिकायत थी कि जिस बेटी को उसने सहारा देकर अपने घर में जगह दी, वही अब उसके लिए परेशानी का कारण बन गई है.

तहसील सदर के ग्राम दूल की रहने वाली लगभग 76 वर्षीय सरस्वती 9 अप्रैल को जनतादर्शन में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने पहुंचीं. वृद्धा ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी पुत्री प्रेमशान्ती आए दिन उनके साथ दुर्व्यवहार करती है और घर में विवाद की स्थिति बनी रहती है. उनका कहना था कि हाल ही में बेटी ने उन्हें ही घर से बाहर निकाल दिया, जिसके बाद वे असहाय स्थिति में प्रशासन की शरण लेने को मजबूर हो गईं. उन्होंने जिलाधिकारी से अपनी ही बेटी से घर खाली कराए जाने की मांग की.

क्या है मामला?

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए. निर्देश मिलते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह राजस्व और पुलिस टीम के साथ ग्राम दूल पहुंचे. गांव में प्रशासनिक टीम के पहुंचने पर नायब तहसीलदार सचेण्डी, थानाध्यक्ष सचेण्डी, राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान तथा गांव के कई संभ्रांत लोग भी मौके पर एकत्र हो गए और पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई.

ग्रामीणों से बातचीत में सामने आया कि मां-बेटी के बीच काफी समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है. वृद्धा का कहना था कि वह शांति से जीवन बिताना चाहती हैं, लेकिन घर में आए दिन विवाद हो जाता है. दूसरी ओर प्रेमशान्ती ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ससुराल में प्रताड़ना के कारण वह अपनी पुत्री के साथ मायके आकर रहने लगी थी. उसने मां के साथ मारपीट के आरोपों से इनकार किया और कहा कि बेटी की शादी के बाद वह अपने ससुराल लौट जाएगी.

अधिकारियों ने सुलझाया मामला

गांव के लोगों और स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई. काफी देर तक चली बातचीत के बाद माहौल शांत हुआ और एक अस्थायी सहमति बन गई. उपजिलाधिकारी अनुभव सिंह ने माँ-बेटी में सुलह करा दिया है. साथ ही क्षेत्रीय लेखपाल और चौकी प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि समय-समय पर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित कराएं.

जनतादर्शन में पहुंची एक वृद्ध महिला की शिकायत से शुरू हुआ यह प्रकरण गांव में सामुदायिक हस्तक्षेप और डीएम की पहल के साथ फिलहाल शांत हो गया. यह घटना यह भी दिखाती है कि बदलते सामाजिक हालात में कई बार घर के भीतर के रिश्तों की उलझनें ऐसी स्थिति पैदा कर देती हैं, जिन्हें सुलझाने के लिए समाज को भी हस्तक्षेप करना पड़ता है.

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