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संभल जामा मस्जिद विवाद पर इलाहाबाद HC आज करेगा फैसला, मुस्लिम पक्ष ने दायर की है याचिका

संभल जामा मस्जिद विवाद पर इलाहाबाद HC आज करेगा फैसला, मुस्लिम पक्ष ने दायर की है याचिका

संभल में मंदिर मस्जिद का विवाद. (फाइल फोटो)

इलाहाबाद हाई कोर्ट आज सोमवार को संभल जिले में जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर के बीच चल रहे विवाद में एक सिविल रिविजन पिटिशन पर अपना फैसला सुनाएगा. इससे पहले हाई कोर्ट ने 13 मई को सुनवाई के दौरान अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. मस्जिद कमेटी ने पिटिशन के जरिए सिविल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है.

जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने पिछले हफ्ते मंगलवार को सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की ओर से पेश वकीलों, मंदिर पक्ष की ओर से हरिशंकर जैन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के वकील की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

संभल की अदालत के खिलाफ याचिका

इससे पहले 5 मई को एएसआई के वकील ने अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया था इसके बाद कोर्ट ने मस्जिद कमेटी के वकील को रिज्वाइंडर दाखिल करने का वक्त दिया और सुनवाई की अगली तारीख 13 मई तय कर दी थी. इस बार मस्जिद कमेटी की ओर से संभल के स्थानीय अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर (Civil Revision Petition) की गई.

संभल की अदालत (Sambhal civil court) ने एडवोकेट कमीशन (Advocate Commission) की ओर से मस्जिद का पुरातत्व सर्वेक्षण का निर्देश दिया था.

लंबित मूल वाद पर सुनवाई पर रोक

इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल की जिला कोर्ट में लंबित मूल वाद पर सुनवाई पर अगली तारीख तक के लिए रोक लगा दी थी. मूल वाद में हिंदू पक्ष की ओर से संभल के मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित श्री हरिहर मंदिर (कथित जामा मस्जिद) में प्रवेश का अधिकार मांगा गया है.

पुनरीक्षण याचिका में बताया गया कि उक्त वाद पिछले साल 19 नवंबर को दाखिल किया गया और कुछ घंटों के अंदर ही जज ने एक एडवोकेट कमीशन की नियुक्ति कर उसे मस्जिद का शुरुआती सर्वे करने का निर्देश दे दिया और उसी दिन और 24 नवंबर, 2024 को सर्वे का काम किया गया. कोर्ट ने सर्वे की रिपोर्ट 29 नवंबर 2024 को पेश करने का भी निर्देश दिया था.

एडवोकेट हरिशंकर जैन और 7 अन्य लोगों ने संभल के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में वाद दायर कर रखा है जिसमें उनकी ओर से दलील दी गई है कि कथित शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण एक मंदिर को ध्वस्त करके किया गया था.



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