यूपी: गांव ही नहीं अब शहरों में भी परिवार को प्रॉपर्टी देना होगा सस्ता, लाखों का स्टांप शुल्क हुआ 5 हजार

यूपी में अब परिवार को प्रॉपर्टी देना सस्ता.
यूपी में अब ग्रामीण ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों वाली निजी संपत्तियों को भी लोगों को अपने परिवार के सदस्यों के नाम दान करने पर बड़ी राहत मिलेगी. इसके लिए अब लाखों रुपये नहीं बल्कि 5 हजार रुपये ही खर्च करने होंगे. योगी सरकार ने स्टांप शुल्क 5 हजार रुपये निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
राज्य के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया, साल 2022 से पहले अगर कोई व्यक्ति परिवार के रिश्तों में जैसे भाई, पत्नी, बेटा, बेटी, दामाद, पोता-पोती या नाती-नातिन को अपनी प्रॉपर्टी दान करता था तो उसे सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप शुल्क देना पड़ता था. 2022 में सरकार ने ये व्यवस्था की थी कि पारिवारिक रिश्तों को संपत्ति दान करने पर केवल 5 हजार रुपये स्टांप शुल्क लिया जाएगा.
पहले उस पर ये छूट लागू नहीं होती थी
हालांकि, इसका फायदा केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों तक ही मिल रहा था. अब इसमें व्यावसायिक गतिविधियों वाली निजी संपत्तियों को भी शामिल किया गया है. मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया, अगर किसी मकान में दुकान, आटा चक्की या कोई अन्य कमर्शियल एक्टिविटी होती थी तो उसे स्टांप एक्ट के तहत कमर्शियल प्रॉपर्टी माना जाता था और उस पर ये छूट लागू नहीं होती थी.
अब बस 5 हजार रुपये स्टांप शुल्क
उन्होंने बताया कि आज मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक अहम प्रस्ताव पास किया है. अब व्यावसायिक गतिविधियों वाली निजी संपत्तियों को भी पत्नी, बेटा, बेटी, भाई, बहन, नाती-पोते या अन्य पारिवारिक सदस्यों के नाम दान करने पर महज 5 हजार रुपये स्टांप शुल्क देना होगा.
मंत्री ने कहा, अगर एक करोड़ रुपये की संपत्ति है तो पहले शहरी क्षेत्रों में ऐसी प्रॉपर्टी पर करीब सात लाख रुपये स्टांप शुल्क लगता था. जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में ये शुल्क 5 हजार रुपये था. मगर अब चाहे निजी संपत्ति शहर में हो या गांव में या उसमें व्यावसायिक गतिविधि संचालित हो रही हो दान करने पर 5 हजार रुपये स्टांप शुल्क ही देना होगा.

