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मैं बेकसूर, वो मेरा बंदा था; मेरे घर की CCTV फुटेज देखिए… शिवा शर्मा डेथ केस में पहली बार सामने आई श्रद्धा दुबे

मैं बेकसूर, वो मेरा बंदा था; मेरे घर की CCTV फुटेज देखिए… शिवा शर्मा डेथ केस में पहली बार सामने आई श्रद्धा दुबे

श्रद्धा दुबे

लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी और बहुचर्चित मॉडल श्रद्धा दुबे 9 दिन बाद खुद मीडिया के सामने आ गई है. उसने एक मीडिया एजेंसी को बयान दिया है. इसमें उसने खुद को बेकसूर बताते हुए सवाल उठाया कि वह शिवा को क्यों मारेगी? वह तो उसका अपना बंदा था. श्रद्धा ने कहा कि शिवा पर कर्ज काफी हो गया था और वह डिप्रेशन में था.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उसने कहा कि इसी कर्ज की वजह से शिवा ने उसके फ्लैट से कूद कर जान दी है. उसने कहा कि खुद उसने शिवा को अपनी बालकनी से नीचे कूदते देखा है. वह चाहकर भी उसे बचा नहीं पायी. उधर, नौ दिन बाद भी श्रद्धा का सुराग जुटाने में विफल रही हजरतगंज थाना पुलिस पर गाज गिरनी शुरू हो गई है.

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

फिलहाल इस मामले में हजरतगंज कोतवाल विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया है. संभावना है कि जल्द ही कुछ अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी एक्शन हो सकता है. बता दें कि श्रद्धा अब तक सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रही थी. पहली बार उसने खुद मीडिया के सामने आकर बयान दिया है. उसका बयान सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.

वहीं, लखनऊ मध्य के डीसीपी विक्रांत वीर को हटाकर डीजीपी मुख्यालय से संबंध कर दिया है. दरअसल, श्रद्धा दुबे लखनऊ में मीडिया को बयान देकर फिर से पुलिस से बचते हुए निकल गई जिसके बाद पुलिस की किरकिरी हुई. इससे पहले हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है.

शिवा की मां पर लगाए आरोप

श्रद्धा ने कहा कि शिवा उसका बंदा था. करीब चार महीने से दोनों साथ में थे. उसने शिवा शर्मा की मां पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं और उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है. श्रद्धा ने कहा कि पुलिस ने बहराइच का वीडियो निकाल लिया, लेकिन उसकी सोसायटी की फुटेज अब तक नहीं निकाली. यदि सोसायटी की वीडियो सामने आए तो वह अपने आप निर्दोष साबित हो जाएगी.

लाखों के कर्ज में था शिवा

श्रद्धा ने कहा कि कुछ दिनों से शिवा आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था. उसके ऊपर सोलह से सत्रह लाख रुपये का कर्ज था. उसे लगातार तगादे आ रहे थे. ऐसे में उसने उससे भी कुछ रुपये उधार मांगे थे. श्रद्धा ने अपने घर से जेवर चोरी पर भी प्रतिक्रिया दी. कहा कि छह सात लाख के जेवर शिवा ने चुराए थे, लेकिन वीडियो में उसने वापस करने की भी बात कही थी. श्रद्धा ने कहा कि शिवा उसका बंदा था और यह जेवर चोरी का मामला उसका पर्सनल है.

भागने की वजह भी बताई

न्यूज एजेंसी से बात कराते हुए श्रद्धा ने फरारी की वजह भी बताई. कहा कि वह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और सदमे के कारण यहां से भागी थी. वह अपने ड्राइवर के साथ मारपीट और हत्या का आरोप लगते देखकर घबरा गई थी. उसकी बहन को भी बेवजह इस मामले में घसीटा गया, जबकि उसका इससे कोई वास्ता ही नहीं. श्रद्धा ने कहा कि उसकी तस्वीरें किसी के साथ होने का यह मतलब नहीं कि वह किसी अपराध में शामिल है.

सफी अहमद

सफी अहमद

सफी अहमद, राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हैं और करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पत्रकारिता उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है. इसी जुनून को जमीन पर उतारते हुए उन्होंने लखनऊ की जमीनी हकीकत से लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों तक की खबरों को करीब से कवर किया है. सफी अहमद की खास पकड़ क्राइम रिपोर्टिंग पर रही है. अपराध की खबरों की तह तक जाना, घटनाओं के पीछे की कहानी सामने लाना और सबसे पहले सटीक जानकारी पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख पहचान रही है.

कई बड़ी और चर्चित घटनाओं की कवरेज में सफी अहमद की सक्रिय भूमिका रही है. 2020 के कानपुर बिकरू कांड, 2022 के अलाया होटल अग्निकांड और 2026 के अलीगंज अग्निकांड जैसी घटनाओं पर उन्होंने लगातार नजर बनाए रखी और घटनाक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सबसे पहले साझा करने का प्रयास किया. ऐसी घटनाओं में 24 घंटे लगातार अपडेट रहने और खबर की तह तक पहुंचने का उनका अनुभव उनकी पत्रकारिता की महत्वपूर्ण ताकत है.

सफी अहमद ने पत्रकारिता की शुरुआत एक साप्ताहिक पत्रिका और न्यूज पोर्टल के साथ की. इसके बाद उन्हें PPN न्यूज़, APN न्यूज़ और K न्यूज़ जैसे संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. विभिन्न संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने रिपोर्टिंग के अलग-अलग आयामों को करीब से समझा और अपनी पत्रकारिता को लगातार मजबूत किया. करीब चार वर्षों के अनुभव के बाद उन्हें TV9 भारतवर्ष के साथ काम करने का अवसर मिला. पिछले 6 वर्षों से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़े हुए सफी अहमद लखनऊ से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ खबरों को जमीन से उठाकर दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया है.

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