फ्लैट्स, विला और प्लॉट… जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के पास खरीद सकेंगे प्रॉपर्टी

9 रियल एस्टेट परियोजनाओ को मंजूरी
उत्तर प्रदेश तेजी से रियल एस्टेट का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. यूपी रेरा ने अपनी हालिया बैठक में 2,009 करोड़ रुपये से ज्यादा की 9 बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं में 1,586 लग्जरी फ्लैट, प्लॉट और विला विकसित किए जाएंगे. गुरुवार को रेरा मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में हुई लंबी बैठक में सभी प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी गई.
इसमे सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नोएडा के लिए स्वीकृत किया गया है. एनसीआर में स्थित होने की वजह से यह क्षेत्र निवेशकों के लिए बहुत आकर्षक और रियल एस्टेट विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में निरंतरण उभर रहा है. इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज, चंदौली, अलीगढ़ जिले भी इसमें शामिल किए गए हैं. इसके लिए 189 वीं बोर्ड बैठक मुख्यालय में आयोजित हुई और इसकी अध्यक्षता रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों और स्पेशल एक्सपर्ट ने भाग लिया.
रियल एस्टेट बाजारों में स्थापित
इसमें कई परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा के बाद इन 6 जिलों को स्वीकृति प्रदान की, जिसमें फ्लैट, प्लॉट ओर विला भी शामिल हैं. रेरा के अध्यक्ष संजय भूसेरेड्डी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट निवेश राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियां, प्रशासनिक व्यवस्था, बेहतर कानून व्यवस्था और तेज कनेक्टिविटी का परिणाम है. वहीं अगर नोएडा की बात की जाए तो नोएडा में बनने वाले जेवर एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे निवेशकों की पहली पसंद हैं. सरकार के इन प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को देश के सबसे तेजी से उभरते रियल एस्टेट बाजारों में स्थापित किया है.

अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
संजय भूसरेड्डी ने कहा कि इन परियोजनाओं में होने वाले 2009 करोड़ रुपए का निवेश राज्य की जीडीपी बढ़ोतरी में उल्लेखनीय योगदान देगा. इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है. इसके साथ ही सीमेंट, स्टील, पेंट, टाइल फर्नीचर, विद्युत उपकरण, परिवहन बीमा और वित्तीय सेवाओं जैसे सहायक उद्योगों को भी सकारात्मक बढ़ावा मिलेगा.
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 तक यूपी में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का रियल एस्टेट निवेश आने की संभावना है. नोएडा, लखनऊ और आगरा के बाद अब बाराबंकी, चंदौली, अलीगढ़ जैसे टियर-2 शहर भी निवेशकों की रडार पर हैं. यूपी की रियल एस्टेट स्टोरी अब सिर्फ सपनों की नहीं, हकीकत की ईंटों से बन रही है.
