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पुलिस की लाठियों के बीच घायलों को पानी पिलाने से लेकर संसद तक…डिंपल यादव का नया अवतार!

पुलिस की लाठियों के बीच घायलों को पानी पिलाने से लेकर संसद तक...डिंपल यादव का नया अवतार!

डिंपल यादव का नया अवतार! Image Credit source: X/@samajwadiparty

नीट यूजी पेपर लीक मामले और कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के बैनर तले जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान अगर किसी राजनेता ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, तो वो हैं मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव. संसद भवन से लेकर जंतर-मंतर तक हुए मार्च में डिंपल यादव न सिर्फ सबसे आगे खड़ी नजर आईं, बल्कि दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बावजूद उनके तेवर ढीले नहीं पड़े, लेकिन सवाल यह है कि अचानक डिंपल यादव का यह ‘साइलेंट से फ्रंटफुट लीडर’ वाला अवतार कैसे सामने आया?

जंतर-मंतर पर डिंपल ‘जुझारू और संवेदनशील’

जंतर-मंतर पर जब पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई और लाठीचार्ज हुआ, तब डिंपल यादव एक अलग ही रूप में दिखीं. लाठीचार्ज में घायल और बेहोश हुए छात्रों की देखभाल के लिए वह एक मां और अभिभावक की तरह आगे आईं. उन्होंने खुद छात्रों को पानी पिलाया और उनके तुरंत इलाज की व्यवस्था करवाई. इतना ही नहीं, उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सीधा हमला बोला.

डिंपल यादव ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, ‘क्या यही बीजेपी का राम राज्य है, जहां अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठियां बरसाई जाती हैं और लड़कियों के कपड़े फाड़े जाते हैं?’. उनके इस बयान और उनके जुझारू तेवरों ने उन्हें एक पारंपरिक संकोची नेता की छवि से निकालकर पूरी तरह से एक आजाद और मुखर महिला राजनेता के रूप में स्थापित कर दिया है.

Dimple Yadav Protest

पीछे की पंक्ति से ‘राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र’ तक का सफर

अगर आप डिंपल यादव के शुरुआती राजनीतिक करियर को देखें, तो उन्हें हमेशा एक शांत, सौम्य और बैक-बेंच पर रहने वाली नेता माना जाता रहा. संसद सत्र के दौरान भी वह अक्सर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के पीछे बैठती थीं, लेकिन नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी उपचुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत ने डिंपल यादव की राजनीति का टर्निंग प्वाइंट तय कर दिया.

मैनपुरी की विरासत संभालने के बाद से डिंपल ने धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की. उन्होंने महंगाई, महिला सुरक्षा, पहलवानों के आंदोलन और अब NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर न सिर्फ संसद के अंदर बल्कि सड़कों पर उतरकर मोर्चा संभाला है. अब वह अखिलेश यादव के साए से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सपा का एक सशक्त आक्रामक चेहरा बनती दिख रही हैं.

Dimple Yadav Delhi

महिला वोटर और नया लीडरशिप नैरेटिव

डिंपल यादव की इस सक्रियता का दूसरा सबसे बड़ा पहलू है, उत्तर प्रदेश और देश की महिला वोटरों से सीधा जुड़ाव. भारतीय राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक हो चुकी है. डिंपल यादव जिस तरह से संवेदनशीलता और आक्रामकता का संतुलन बनाकर मुद्दे उठा रही हैं, उससे वो महिला सुरक्षा, शिक्षा और युवाओं के रोजगार जैसे विषयों पर सीधे आधी आबादी से कनेक्ट हो रही हैं. सपा की महिला विंग को री-शेप करने और एक पढ़े-लिखे, समझदार और जुझारू चेहरे के रूप में डिंपल का यह रूप समाजवादी पार्टी को महिलाओं के बीच एक नया और मजबूत विकल्प दे रहा है.

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फरीद अली

फरीद अली

साल 2006 से पत्रकारिता में हैं. TV9 भारतवर्ष की डिजिटल टीम में बतौर चीफ प्रोड्यूसर काम करते हैं. साथ ही एंकरिंग भी करते हैं, अलग-अलग विषयों पर लिखते हैं, खास तौर से अंतर्राष्ट्रीय मामलों, रक्षा विश्लेषण और भू राजनीति पर.. इसके अलावा अच्छे निशानेबाज़, शूटिंग कोच और खेल प्रशासक भी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं…दिल्ली स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में ओलंपियन शूटर जसपाल राणा को हराकर 25 मीटर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण पदक जीता तो काफी चर्चा में रहे।

पत्रकारिता का सफर –
Current Role: 2020 से TV9 हिंदी डिजिटल टीम के साथ जुड़े फरीद अली अंतरराष्ट्रीय संबंधों, रक्षा, भू-राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे जटिल विषयों पर गहन विश्लेषण और विशेष सामग्री तैयार करते हैं. उनकी लेखनी जटिल वैश्विक मुद्दों को व्यापक दर्शकों के लिए सरल बनाती है. Dictator, Rahasya, Ansuni Kahani, Serial Killers, Mumbai Underworld, Baba Lok, चंबल के डाकू, माफिया Don और हथियारों पर कई वीडियो Series के अलावा Duniya Ki Khabar और Clear Cut जैसे Daily Show और Explainers भी किये हैं. साथ ही हिंदी वेबसाइट के लिए Tokyo Olympic-2021 के दौरान Achook Nishana सीरीज़ भी की, जिसमें कई ओलंपियन निशानेबाज़ों के इंटरव्यू के अलावा शूटिंग की अलग अलग स्पर्धाओं के बारे में जानकारी दी…

Prior Experience : 2006 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से PG Diploma in Mass Media (Journalism) और MA Sociology की डिग्री हासिल करने के बाद, 2007 से 2020 तक आजतक और दिल्ली आजतक के साथ काम किया, इस दौरान MBA भी किया. उन्होंने अपराध, राजनीति, शिक्षा, नगर निगम, मनोरंजन और संस्कृति जैसे विविध बीट्स पर Field Reporting की और कई प्रभावशाली Special Stories और Exclusive Content तैयार किए. शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज से जुड़े कई मुद्दों को अपनी रिपोर्ट्स के ज़रिये हाइलाइट करने के अलावा खेल से जुड़े मुद्दों पर भी रिपोर्टिंग की, खास तौर से जब Shooting और Sports Goods के Import पर GST लगा तो इस मुद्दे को अपनी रिपोर्ट्स के ज़रिये प्रमुखता से उठाया था, फिर ये मुद्दा संसद में भी उठा और बाद में राष्ट्रिय स्तर के खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री के आयात से जीएसटी हटा…

Sports Achievements –
Excellence in Shooting: पत्रकारिता के साथ-साथ फरीद एक कुशल निशानेबाज हैं, जिनका इस खेल के प्रति बचपन से जुनून रहा है. राष्ट्रीय, जोनल और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में बहुत से पदक जीते हैं. विशेष रूप से, 40वीं दिल्ली स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 25 मीटर पिस्टल इवेंट में पद्म श्री पुरस्कार विजेता और देश के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया…

Sports Administration : फरीद दिल्ली स्टेट राइफल एसोसिएशन (DSRA) की गवर्निंग बॉडी के सदस्य हैं. इससे पहले वह DSRA में संयुक्त सचिव रह चुके हैं और 2023 में गवर्निंग बोर्ड के लिए चुने गए. दिल्ली में शूटिंग मुकाबले आयोजित करने के अलावा निशानेबाज़ी से जुड़ी कई ज़िम्मेदारी निभाते हैं, और पिस्टल शूटिंग कोच भी रहे हैं…

Awards and Honors – पत्रकारिता और निशानेबाजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए फरीद को राष्ट्रीय गौरव अवार्ड, शिखर सम्मान, दिल्ली गौरव अवार्ड, गाजियाबाद गौरव अवार्ड, पर्यावरण जागरूकता सम्मान और सोशल अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है.

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