दिमाग में सिर्फ कोरिया का फितूर, नाम भी बदले… गाजियाबाद में सुसाइड करने वाली 3 बहनों के पिता ने सुनाई उस रात की अनसुनी कहानी

तीनों बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी.
गाजियाबाद कमिश्नरी के भारत सिटी सोसाइटी में 7 फरवरी को भी सन्नाटा फैला हुआ है. सोसाइटी के लोग एक अजीब सी खामोशी में जड़े हैं. सबके मन में अब भी एक ही सवाल है, आखिर ऐसा कैसे हो गया सोसाइटी, जिसने जिले ही नहीं पूरे देश को हिलाकर रख दिया. सोसाइटी में किराए के फ्लैट में रहने वाले चेतन कुमार के घर सब कुछ सामान्य था. उनका परिवार किसी से कोई संपर्क नहीं रखता था. केवल अपने काम से कम, लेकिन अब इस परिवार की चर्चा पूरे देश में हो रही है.
चेतन के परिवार की तीन मासूम बच्चियों ने अचानक इतना कदम क्यों उठा लिया और मध्य रात्रि में नौवीं मंजिल पर अपने फ्लैट से कूदकर अपनी जान दे दी. ऐसे ही कुछ सवाल TV9 ने आज मृतक बहनों के पिता से उनके फ्लैट पर जाकर पूछे. वह अपने फ्लैट से बाहर तो नहीं आए, लेकिन जाली के दरवाजे से बात की.
कोरिया ले चलने की करती थी जिद
बातचीत में चेतन ने कई चौंकाने वाली जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आखिर उस रात क्या हुआ था. चेतन ने बताया तीनों बहनें जिद किया करते थी कि उन्हें कोरिया ले जाया जाए और वह शादी भी कोरिया में करेगी. तीनों बहनों के दिमाग में केवल और केवल कोरिया ही कोरिया चलता रहता था. उन्होंने बताया कि उनकी तीनों बेटियां कोरिया कलर की दीवानी थी.
बीच वाली बेटी थी लीटर
चेतन ने बताया कि बीच वाली लड़की अन्य दोनों बहनों की लीडर बनी हुई थी, जो वह कहती थी. बाकी दोनों बहने वही करती थी. उन्होंने कहा कि तीनों बेटियों की मौत का जिम्मेदार सिर्फ उनका कोरियन कलर से प्यार है. उनकी तीनों बेटियां अपना नाम बदल चुकी थी. तीनों ने अपने नाम कोरियन रख लिए थे.
उन्हें इसका जरा भी आभास नहीं था कि तीनों बेटियां कोरियन कलर से इतना प्रभावित हो जाएगी और ऐसा कुछ बड़ा कदम उठा लेंगी. उन्होंने बताया कि अगर जरा भी उन्हें इस बात का अंदेशा होता तो वह तीनों बहनों को मानसिक रोग के डाॅक्टर को को दिखाते.
घटना से पहले पिता ने ले लिया था फोन
उन्होंने बताया कि घटना से कुछ वक्त पहले तीनों बेटियों से करीब रात 12 फोन ले लिए थे, लेकिन तीनों ही कुछ में वापस मेरे पास आई और फोन लेकर चली गई. उन्होंने बताया कि रात लगभग 1 बजे उनकी पत्नी उनसे पास करके मोबाइल फोन लेकर चली आई.
कमरे से नहीं आई कोई आवाज
चेतन ने बताया कि तीनों ने अंदर से कमर बंद कर लिया था. उन्होंने दरवाजा खोलने का काफी प्रयास, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई. उसके बाद पुलिस आई और कमरे का दरवाजा तोड़ा. जब कमरे की खिड़की से नीचे देखा तो उनकी एक बेटी नीचे पड़ी हुई थी.
इसके बाद वह अपने फ्लैट से उतरकर नीचे गए तो वहां तीनों बेटियां नीचे मृत अवस्था में पड़ी थी. चेतन अब ऐसे विदेशी गेमों पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं. वह कह रहे हैं कि जैसा मेरे साथ हुआ ऐसा किसी और परिवार के साथ ना हो.

