ट्रंप की फेवरेट और मादुरो की कट्टर विरोधी… कौन हैं मारिया कोरिना मचाडो, जिन्हें मिल सकती है वेनेजुएला की कमान?

अमेरिकी सेना के शनिवार (3 जनवरी, 2025) को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद देश की विपक्षी नेता का बयान आया है. उन्होंने इसे आज़ादी का समय बताया है. मारिया कोरिना मचाडो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वेनेजुएलावासियों, आज़ादी का समय आ गया है.
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मचाडो जुलाई 2024 में मादुरो के राष्ट्रपति बनने के बाद से छिपकर रह रही थीं. हालांकि इस चुनाव में मादुरो पर धांधली के आरोप लगे थे. मचाडो ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विपक्षी उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज उरुतिया जिन्होंने चुनाव जीता है उन्हें राष्ट्रपति के रूप में तुरंत अपना संवैधानिक दायित्व ग्रहण करना चाहिए.
चुनावों में धांधली के आरोप
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के चुनावों में राष्ट्रीय चुनाव परिषद ने मादुरो को विजेता घोषित किया लेकिन साइबर हमले के कारण मतदान केंद्रों से सटीक परिणाम प्रकाशित नहीं किए गए. विपक्ष ने अपने उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज उरुतिया को लेकर चुनावी धांधली की निंदा की. वो मारिया कोरिना मचाडो के अयोग्य घोषित होने के बाद अंतिम समय में चुनाव के लिए खड़े हुए थे.
मचाडो को आखिरी बार पिछले महीने सार्वजनिक रूप से देखा गया था, जब वह 11 महीने तक छिपने के बाद बाहर निकलीं और नॉर्वे में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. वेनेजुएला के विपक्षी नेता, अमेरिका और कई अन्य पश्चिमी देशों ने 2018 और 2024 में मादुरो की चुनावी जीत को धोखाधड़ी वाला माना था.
क्या कहा था ट्रंप ने
डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत मचाडो का समर्थन नहीं किया, लेकिन उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा, “ठीक है, हमें अभी इस पर विचार करना होगा. उनके पास एक उप राष्ट्रपति है. मेरा मतलब है मुझे नहीं पता कि वह किस तरह का चुनाव था लेकिन आप जानते हैं कि मादुरो का चुनाव एक शर्मनाक घटना थी.”
ट्रंप के साथ गठबंधन को लेकर मचाडो की वेनेजुएला में आलोचना भी हुई है. गोंजालेज उरुतिया ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ये निर्णायक क्षण है, सभी जान लें कि हम अपने राष्ट्र के पुनर्निर्माण के महान अभियान के लिए तैयार हैं.
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