‘जब ये बिहार-बंगाल में चुनाव हारते हैं तब…’, नितिन नवीन का विपक्ष पर हमला

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने वोट चोरी और चुनावों में धांधली के आरोपों के बीच विपक्ष पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि जब ये लोग हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु या केरल में चुनाव जीतते हैं, तो वे कभी चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाते, लेकिन जब वे बिहार या बंगाल में हार जाते हैं, तो अचानक अपनी सारी हताशा चुनाव आयोग पर निकालने लगते हैं, वोट चोरी का रोना रोने लगते हैं. ये लोग देश में फिर से जंगल राज (अराजकता) लाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हम पर वोट चुराने का आरोप लगाया है, उनके नेता और सदस्य अपनी बात रखने के लिए दिल्ली गए. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि 30 सितंबर, 2025 को SIR के बाद जब मतदाता सूची जारी की गई थी, तब विपक्ष ने कितनी शिकायतें दर्ज कराईं? जबकि उनके अपने पार्टी कार्यकर्ता बूथ लेवल एजेंट (BLA) के तौर पर काम कर रहे थे, फिर भी उन्होंने एक भी शिकायत दर्ज नहीं कराई.
उन्होंने कहा कि एक भी जायज शिकायत सामने नहीं आई, लेकिन चुनाव हारने और बिहार की जनता की तरफ से नकारे जाने के बाद वे दिल्ली जाकर मगरमच्छ के आंसू बहाने लगे और अपनी हार की हताशा चुनाव आयोग पर निकालने लगे.
नितिन नबीन का विपक्ष पर बड़ा हमला
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार (17 अक्टूबर, 2026) को बिहार की राजधानी पटना में कहा, ‘2014 में, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनादेश मिला, तब केंद्र में कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी. फिर भी जनता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अपना जनादेश दिया.’
उन्होंने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि कुछ लोग दिल्ली की सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. देश की जनता अच्छी तरह जानती है कि ये लोग न तो देश के संविधान का सम्मान करते हैं और न ही संवैधानिक संस्थाओं का. उनके इस अनादर का एकमात्र कारण यह है कि इन लोगों के मन में देश के प्रति गहरी नफरत है.’
राहुल गांधी पर BJP अध्यक्ष का तीखा वार
#WATCH | Patna, Bihar: BJP national president Nitin Nabin says, “We are currently witnessing a few individuals attempting to create disorder on the streets of Delhi. The people of this nation are well aware that these individuals neither respect the country’s Constitution nor its constitutional institutions. The sole reason for this disregard, according to them, is the deep-seated hatred these individuals harbour towards the nation. I ask Rahul Gandhi: Why is it that you never speak about development initiatives, whether in Parliament or while addressing the government? You will never see Rahul Gandhi or his opposition colleagues in Bihar or Delhi discussing development or the positive changes that have taken place in the lives of ordinary citizens. Instead, their focus is on attempts to destabilise the country. Lately, there seems to be a trend of people wanting to hoist the Tricolour. Well, we are workers of the Bharatiya Janata Party, the very people who went to Lal Chowk in Kashmir to hoist the Tricolour…These individuals have now suddenly started talking about hoisting the Tricolour. In fact, the Prime Minister has already introduced the ‘Har Ghar Tiranga’ initiative for the entire nation. Just check their homes; you will likely find that they did not hoist the Tricolour between August 13 and 15. Yet, today, they are carrying the Tricolour in Delhi in an attempt to create disorder. The Tricolour is a symbol of our honour, prestige, and pride. We will never allow its dignity to be diminished. It is the ultimate symbol of India’s independence and its achievements. The Tricolour represents India’s pride. It can never, ever be a symbol of anarchy.”
— ANI (@ANI) October 17, 2026
उन्होंने कहा, ‘मैं राहुल गांधी से पूछता हूं कि ऐसा क्यों है कि आप कभी विकास कार्यों के बारे में बात नहीं करते, चाहे संसद में हों या सरकार को संबोधित कर रहे हों? आप राहुल गांधी या उनके विपक्षी सहयोगियों को कभी भी बिहार या दिल्ली में विकास या आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर चर्चा करते हुए नहीं देखेंगे. इसके बजाय, उनका पूरा ध्यान देश को अस्थिर करने की कोशिशों पर रहता है.
विरोध प्रदर्शनों में तिरंगा फहराने पर बोले नितिन नबीन
नितिन नबीन ने कहा, ‘आजकल तिरंगा फहराने का एक चलन सा देखने को मिल रहा है. हम भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता हैं, वही लोग जो कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने गए थे और अब ये लोग अचानक तिरंगा फहराने की बात करने लगे हैं. असल में, प्रधानमंत्री ने पूरे देश के लिए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू किया है. आप उनके घरों में जाकर देख लें, संभव है कि आपको पता चले कि उन्होंने 13 से 15 अगस्त के बीच तिरंगा नहीं फहराया था. फिर भी आज वे दिल्ली में तिरंगा लेकर घूम रहे हैं, जिसका मकसद सिर्फ अव्यवस्था फैलाना है.’
उन्होंने कहा, ‘तिरंगा हमारे सम्मान, प्रतिष्ठा और गौरव का प्रतीक है. हम कभी भी इसकी गरिमा को कम नहीं होने देंगे. यह भारत की स्वतंत्रता और उसकी उपलब्धियों का सबसे बड़ा प्रतीक है. तिरंगा भारत के गौरव को दर्शाता है. यह कभी भी अराजकता का प्रतीक नहीं हो सकता.’
देश के भीतर कुछ ऐसी ताकतें जिन्हें प्रगति नहीं पच रही- नितिन नबीन
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘ऐसे समय में जब हम एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, एक ऐसा सफर जिसमें 140 करोड़ भारतीय, भारत को ‘विकसित भारत’ में बदलने के दृढ़ संकल्प के साथ शामिल हैं, देश के भीतर ही कुछ ऐसी ताकतें हैं जिन्हें यह प्रगति पच नहीं रही है. उन्हें देश का विकास स्वीकार करना मुश्किल लग रहा है.’
उन्होंने कहा, ‘आज पूरी दुनिया एक वैश्विक संकट से जूझ रही है. ऐसे में भारत इकलौता ऐसा देश है, जो विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है. कुछ वैश्विक शक्तियां, जो इस प्रगति से नाखुश हैं, उन्हें विपक्ष के नेता राहुल गांधी और CJP टीम के रूप में अपने मोहरे मिल गए हैं, जिनका वे एक ‘टूलकिट’ की तरह इस्तेमाल कर रही हैं.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं राहुल गांधी और विपक्ष में उनके साथियों को साफ तौर पर बता देना चाहता हूं कि भारत के 1.4 अरब लोग सब देख रहे हैं. आपके उद्देश्यों और असली इरादों को कभी भी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.’
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