गोरखपुर: NEET छात्र की हत्या मामले में बड़ा एक्शन, पूरी जंगल धूषण चौकी सस्पेंड; SSP ने की कार्रवाई

गोरखपुर में नीट छात्र की हत्या.
गोरखपुर में पशु तस्करों द्वारा की गई NEET छात्र की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. जंगल धूषण चौकी के चौकी प्रभारी समेत सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. गोरखपुर के एसएसपी राजकरण नैय्यर ने यह कार्रवाई मंगलवार रात की. जंगल धूषण चौकी पर चौकी इंचार्ज के चार सिपाही तैनात थे. वहीं गोरखपुर पहुंचे एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ एस ने पशु तस्करों की तलाश में एसटीएफ को लगाया है. वहीं प्रमुख सचिव गृह/प्रमुख मुख्यमंत्री संजय प्रसाद भी गोरखपुर पहुंच चुके हैं.
बता दें कि बीते सोमवार देर रात तीन गाड़ी से पहुंचे पशु तस्करों ने NEET की तैयारी कर रहे छात्र दीपक की हत्या कर दी थी. उसके शव को गांव से करीब चार किलोमीटर दूर फेंक दिया था. दीपक की तलाश में जुटे घर वालों को खून से लथपथ उसकी लाश मिली थी. उसका सिर कुचला हुआ था. फिलहाल मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ एस खुद गोरखपुर पहुंचकर मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. आइए जानते हैं पूरा घटना क्रम…
सोमवार देर रात पिपराइच थाना क्षेत्र में पशु तस्कर दो गाड़ियों से पहुंचे थे. 10 से 12 की संख्या में पशु तस्कर छात्र दीपक के मऊआचापी गांव स्थित फर्नीचर की दुकान और गोदाम पर पहुंचे थे. वहां सुनसान जगह पाकर दुकान का ताला तोड़ने लगे. गोदाम के छत पर ही ट्रैवल्स का ऑफिस है और उसे दीपक के बुआ का लड़का चलाता है. वह सोमवार की रात वहीं सो रहा था. उसे जब इस बात का आभास हुआ तो उसने फोन से इसकी सूचना दीपक के घर पर दी.
पशु तस्कर का पीछा कर रहा था तस्कर
दीपक के बुआ के लड़के ने देखा कि नीचे 10 से 12 की संख्या में लोग खड़े हैं. दीपक ने घर पर इसकी जानकारी दी और स्कूटी से दुकान की तरफ दौड़ पड़ा. साथ में ग्रामीण भी उसकी दुकान पर पहुंच गए. ग्रामीणों को आता देख तस्कर भागने लगे, तभी दीपक उनका पीछा करने लगा. पीछा करने के दौरान वह स्कूटी से गिर पड़ा, जिसके बाद तस्करों ने उसे अपनी गाड़ी में खींच लिया.
वहीं ग्रामीणों ने दूसरी गाड़ी को पकड़ लिया. तस्कर गाड़ी छोड़कर भागने लगे. ग्रामीणों ने एक तस्कर को दौड़ाकर पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे वह अधमरा हो गया. सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई. पुलिस को ग्रामीणों से तस्कर को छुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. एसपी नार्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और पिपराइच थानेदार भी घायल हो गए.
ग्रामीणों ने एक तस्कर को पकड़ा
पुलिस ने जैसे-तैसे तस्कर को ग्रामीणों से छुड़ाया और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस और परिवार वाले पहली गाड़ी से गए तस्करों की तलाश के लिए निकल गए. करीब चार किलोमीटर पर दीपक का खून से लथपथ शव मिला. मंगलवार सुबह करीब 7 बजे गमीणों ने गोरखपुर-पिपराइच मार्ग को जाम कर दिया. पुलिस ने काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन परिवार और ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे.
DIG-SSP ने समझाया, तब जाकर माने लोग
मामला बढ़ता देख डीआईजी शिव शिंपी चनप्पा और एसएसपी राजकरण नैय्यर मौके पर पहुंचे. उन लोगों ने परिजनों से बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. करीब पांच घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया गया. डीएम दीपक मीणा ने बताया कि मृतक के परिवार की जो डिमांड थी, उसको लेकर हम लोगों ने बात भी की है. उन्हें बताया कि जो भी सहायता राशि होगी, वह उनको मिलेगी. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर जो भी मदद हो सकती है, वो भी हम कराएंगे.

