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गाजीपुर में कार की टक्कर में दो भाइयों की मौत, आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस?

गाजीपुर में कार की टक्कर में दो भाइयों की मौत, आरोपी तक कैसे पहुंची पुलिस?

साकेंतिक तस्वीर

यूपी के गाजीपुर के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के खुटहा गांव के पास करीब 10 दिन पहले बाइक पर सवार दो सगे भाइयों की कार से टक्कर होने के बाद मौत हो गई थी. दोनों सगे भाइयों की पहचान मनीष और आलोक चौहान के रूप में की गई थी. मृतक सगे भाई मऊ जनपद के चिरैयाकोट थाना के अलदेमऊ गांव के रहने वाले थे. वो बाइक से अपने घर की तरफ जा रहे थे.

इसी दौरान अचानक से एक कार से टक्कर हो जाने के कारण दोनों भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई थी. इसके बाद कार सवार कार सहित फरार हो गया था. अब दुल्लहपुर पुलिस ने इस कार का पता लगा लिया है. इस कार को थाने लाया गया है. ये बलेनो कार है. पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. दरअसल, हादसे की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों की काफी भीड़ लग गई थी.

पुलिस कार का पता लगाने में थी प्रयासरत

स्थानीय लोग सिर्फ यह देख पाए थे कि सफेद रंग की कार है और कुछ लोगों ने उसका नंबर भी नोट कर लिया था, लेकिन यह नंबर किस सीरीज का है यह लोग देख नहीं पाए थे. इसके कारण इस मामले में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. हालांकि पुलिस कार के नंबर यूपी 61 8416 के सीरीज के नंबरों के आधार पर कार मालिक तक पहुंचने का लगातार प्रयास करती रही.

पुलिस को ऐसे चला कार का पता

इस दौरान दुल्लहपुर पुलिस ने आरटीओ विभाग के साथ उस इलाके में लगे हुए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू की, ताकि कोई सबूत मिले और गाड़ी के नंबर की सही जानकारी मिल पाए. इसके लिए पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से भी बातचीत करना आरंभ किया. इसी बातचीत और आरटीओ विभाग से संबंध स्थापित करने के दौरान ही पुलिस को वाहन के असली नंबर यूपी 61 बीडी 8416 का पता चला.

कार का अगला हिस्सा है क्षतिग्रस्त

साथ ही पुलिस को यह भी पता चला कि ये सफेद रंग की बलेनो है जो बिरनो गांव के रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है. इसके बाद पुलिस मिली जानकारी के अनुसार, जब उस व्यक्ति के पते पर पहुंची तो देखा कि उस कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त है. इसके बाद पुलिस वाहन मालिक से इस संबंध में बातचीत करने लगी. वाहन मालिक पहले तो इधर-उधर बात बदलता रहा.

थानाध्यक्ष दुल्लहपुर के पी सिंह ने क्या बताया?

बाद में जब पुलिस ने आगे के हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बारे में जानकारी मांगी, तब उसने इस घटनाक्रम को स्वीकार किया. फिर पुलिस मुकदमे के सिलसिले में अज्ञात से ज्ञात हो चुके वाहन को दुल्लहपुर थाने लेकर आई. इसके बाद अपनी विभागीय विभागीय कार्रवाई शुरू की. थानाध्यक्ष दुल्लहपुर के पी सिंह ने इस मामले में बताया कि इसके लिए उन्होंने आरटीओ विभाग के साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए थे. क्षेत्रीय लोगों से भी इस संबंध में जानकारी ली गई.

इसी बातचीत के दौरान एक व्यक्ति ने कार के सीरीज नंबर की जानकारी दी. फिर उस सीरीज और कार नंबर के आधार पर आरटीओ से कार के मालिक और उसका पता लिया गया. कार थाने लाई गई है. कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त है. आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

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