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गजब! SDO का ड्राइवर फर्जी विजिलेंस बन करने लगा बिजली चेकिंग, गांव वालों ने पकड़कर कूट दिया

गजब! SDO का ड्राइवर फर्जी विजिलेंस बन करने लगा बिजली चेकिंग, गांव वालों ने पकड़कर कूट दिया

गांव वालों ने फर्जी विजिलेंस टीम को दबोचा

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में SDO का ड्राइवर अपने साथियों के साथ फर्जी विजिलेंस टीम ने एक गांव में चैकिंग के लिए पहुंच गया. इस दौरान जब उन पर शक हुआ तो गांव वालों ने पूछताछ शुरू की. गांव वालों की बातों से घबराकर आरोपियों ने भागना शुरू कर दिया. हालांकि, गांव वालों ने चार लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. आरोपी बोलेरो गाडी में बैठकर एक गांव में पहुंचे थे. उन पर किसी को शक न हो इसलिए उन्होंने गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा हुआ था.

विद्युत विभाग के नाम से फर्जी विजिलेंस टीम ने हाथरस के फरौली गांव में घुसकर चेकिंग अभियान शुरू किया. शक होने पर जब गांव वालों ने उनसे पूछताछ की, तो वह घबराकर भागने लगे. इस दौरान गांव वालों ने चार लोगों को पकड़कर उनकी जमकर पिटाई कर दी. ये लोग एक बोलेरो गाडी में बैठकर आए थे, जिस पर उत्तर प्रदेश सरकार और एसडीओ लिखा हुआ था. 7 लोगों की इस टीम ने प्राइमरी स्कूल के पास अपनी गाड़ी खड़ी की थी.

गांव में घुसकर मांगने लगे पैसे

खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर यह लोग गांव में घुस थे. इसके बाद यह लोग गांव वालों के घर में जाकर पैसे मांगने लगे. पैसे नहीं देने पर वह गांव वालों को बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देने लगे. बताया जा रहा है कि फर्जी विजिलेंस टीम के सभी सदस्य नशे में धुत थे. शक होने पर गांव वालों ने पूछताछ की तो इनमें से 3 लोग हड़बड़ाकर भाग गए. हालांकि, चार लोगों को गांव वालों ने पकड़ लिया.

‘जांच का कोई आदेश नहीं हुआ’

पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रवीन शर्मा उर्फ तुलसी, जगदीश शर्मा, अंशू शर्मा और हेमंत प्रताप के तौर पर हुई है. इसमें से आरोपी को SDO का ड्राइवर बताया जा रहा है. ये सभी सासनी इलाके के रहने है. गांव वालों ने जब इन लोगों को पकड़ तो ये एसडीओ की धमकी देने लगे. गांव के एक व्यक्ति ने जब एसडीओ और एई से बात की तो पता चला कि जांच का कोई आदेश नहीं है. उन्होंने बताया कि ये लोग खुद पैसे कमाने के उद्देश्य से आए होंगे.

गांव वालों ने आरोपियों को पुलिस से हवाले किया

इसके बाद गांव वाले ने मामले की जानकारी पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हमें एसडीओ ने भेजा था. एसडीओ ने मामले में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि विभाग ने छापे हेतु कोई आदेश पारित नही था. दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी. मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 308 (2) और 318 (4) के तहत 07 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.



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