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खाना खाया-पढ़ाई की… पतंग उड़ाया फिर कमरे में गया आदित्य; पिता पहुंचे तो फंदे पर लटकी मिली बेटे की लाश

खाना खाया-पढ़ाई की... पतंग उड़ाया फिर कमरे में गया आदित्य; पिता पहुंचे तो फंदे पर लटकी मिली बेटे की लाश

12 साल के बच्चे आदित्य की लाश कमरे में फंदे पर लटकी मिली

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फराबाद गांव में शुक्रवार की शाम ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. गांव के साल के बच्चे का शव उसके ही घर की ऊपरी मंजिल पर फंदे से लटका मिला. बच्चे का नाम आदित्य था और वो कक्षा-7 का छात्र था. मासूम की मौत ने पूरे परिवार और गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है.

जानकारी के अनुसार, आदित्य शुक्रवार सुबह रोज़ की तरह स्कूल गया था. पढ़ाई पूरी करने के बाद दोपहर में घर लौटा, खाना खाया और दोस्तों संग खेला. वह पतंगबाजी में भी शामिल हुआ और सब कुछ सामान्य लग रहा था. लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि चंद घंटों बाद घर खुशियों की जगह मातम में डूब जाएगा.

फंदे पर लटका था बेटे का शव

करीब शाम साढ़े छह बजे जब आदित्य के पिता बीनू ऊपर कमरे में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनका बेटा फंदे पर लटका हुआ है. यह दृश्य देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. चीख-पुकार सुनकर घर और आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए. परिवार ने आनन-फानन में आदित्य को नीचे उतारा और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. यह खबर सुनते ही परिवार के रोने-बिलखने की आवाज़ें पूरे गांव में गूंज उठीं.

ग्रामीणों के मुताबिक, उसी दिन स्कूल से लौटते समय आदित्य का अपने एक साथी से कहासुनी और हाथापाई हुई थी. अब गांव में चर्चा है कि क्या यह विवाद ही उस पर मानसिक दबाव बना और उसने यह कदम उठाया? हालांकि, असली कारण क्या था, यह अभी साफ नहीं हो पाया है. आदित्य गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय का छात्र था और पढ़ाई में काफी होशियार माना जाता था. उसके अध्यापक बताते हैं कि वह कक्षा में हमेशा सक्रिय रहता था और पढ़ाई-लिखाई में आगे था.

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

घटना की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची. साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. इस बीच, सहारनपुर के एसपी देहात सागर जैन ने कहा कि शुरुआती हालात आत्महत्या की ओर इशारा करते हैं, लेकिन अंतिम कारण की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकेगी.

आदित्य की असमय मौत ने न केवल उसके परिवार को बल्कि पूरे गांव को शोक और सवालों के घेरे में डाल दिया है. हर कोई यही सोच रहा है कि आखिर इतनी कम उम्र में एक मासूम को ऐसा कदम उठाने की नौबत क्यों आई.

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