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कानपुर में नए सर्किल रेट लागू, बढ़े प्रॉपर्टी के दाम; जानिए कहां कितनी ढीली करनी पड़ेगी जेब

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में शुक्रवार से नई सर्किल दरें लागू हो गई हैं. इसके साथ ही अब जमीन, दुकान, मकान और फ्लैट खरीदना पहले से महंगा हो गया है. सबसे ज्यादा वृद्धि मेहरबान सिंह पूरवा इलाके में दर्ज की गई है, जहां आवासीय जमीन की दर 4600 रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़कर सीधे 10,000 रुपए प्रति वर्ग मीटर हो गई है. हालांकि, नई व्यवस्था में खरीदारों को कुछ राहत भी दी गई है. फ्लैट खरीदने पर सामान्य सुविधा शुल्क (18 प्रतिशत) पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. इसी तरह कृषि भूमि की खरीद में भी रियायत दी गई है.

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सबसे ज्यादा वृद्धि सरसौल, चौबेपुर, ककवन, शिवराजपुर, पतारा और घाटमपुर क्षेत्रों में हुई है. यहां औसतन 34.99 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. नए आंकड़ों के अनुसार सिविल लाइन्स में 41,000 से बढ़कर 77,000 रुपए प्रति वर्ग मीटर (87.80%), एमराल्ड गुलिस्तां में 23,000 से बढ़कर 40,000 रुपए (73.91%), जूही खुर्द में 17,000 से बढ़कर 30,000 रुपए (76.47%), परेड में 36,000 से बढ़कर 47,000 रुपए (30.55%), परमट में 27,000 से बढ़कर 36,000 रुपए (33.33%), मॉल रोड में 59,000 से बढ़कर 75,000 रुपए (27.11%) की गई है. इसी तरह स्वरूप नगर, पांडु नगर, बेनाझाबर, अशोक नगर और अन्य इलाकों में भी 20 से 36 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है.

सदर क्षेत्रों में औसत वृद्धि

नई दरों से उप निबंधक कार्यालयों में संपत्तियों का औसत मूल्य भी तेजी से बढ़ा है. सदर प्रथम में 26.75 फीसदी, सदर द्वितीय में 34.27, सदर तृतीय मे 34.99, सदर चतुर्थ में 28.83, नर्वल में 31.66, बिल्हौर में 22.90, घाटमपुर में 27.20 फीसदी की औसत वृद्धि की गई है. जमीन और मकान की दरें बढ़ी हैं. वहीं फ्लैट खरीदारों को कुछ छूट दी गई है. चार मंजिला तक के बहुमंजिला आवासीय भवनों में 30 से 60 प्रतिशत तक मूल्य में कटौती का प्रावधान किया गया है. सामान्य सुविधा शुल्क, जो पहले न्यूनतम 18 प्रतिशत लागू था, अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.

कृषि भूमि और वाणिज्यिक संपत्तियां

नई दरों में कृषि भूमि की खरीद पर भी राहत दी गई है. कुछ क्षेत्रों में दरें यथावत रखी गई हैं, जबकि कई जगहों पर मामूली वृद्धि की गई है. सरसौल में 5250 से बढ़कर 7300 रुपए प्रति वर्ग मीटर (39%), पुरवामीर में 2900 से बढ़कर 4500 (55%), तिवारीपुर, महोली और अन्य गांवों में 40 से 88 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है. वहीं, दुकानों और वाणिज्यिक निर्माणों का मूल्यांकन अब कार्पेट एरिया के आधार पर किया जाएगा. फार्म हाउस संपत्तियों का मूल्यांकन कृषि भूमि की निर्धारित दरों पर होगा. कृषक भूमि का मूल्य अकृषक दर से तय किया जाएगा.

आपत्तियों के बाद लागू हुईं नई दरें

इन सर्किल दरों का पुनरीक्षण प्रस्ताव 9 अगस्त से 21 अगस्त तक सार्वजनिक किया गया था. इस अवधि में कुल 75 आपत्तियां दर्ज की गईं. इसके बाद 22 अगस्त को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आपत्तियों का निस्तारण किया गया. आवश्यक संशोधन के बाद दरों को प्रभावी कर दिया गया.

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