ईरान का बड़ा पुल उड़ाते Video शेयर कर बोले ट्रंप- समझौते का अब भी मौका, IRGC की धमकी- हॉर्मुज से निकलेंगे US के ताबूत

मिडिल ईस्ट की जंग को लेकर जो अब अपडेट सामने आ रहे हैं, उससे तो लगता है कि यह तनाव अगले कुछ दिनों में और बढ़ सकता है. एक तरफ जहां अमेरिका ने दावा किया है कि उन्होंने तेहरान को जोड़ने वाले प्रमुख पुल को तबाह कर दिया है, तो वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेजन की बिल्डिंग पर हमला किया है. इसी बीच यूएन की तरफ से युद्ध रोकने की अपील की गई है.
इधर, गुरुवार को ट्रंप ने साफ तौर पर ईरान से समझौता करने का दबाव बनाया है. उन्होंने कहा है कि अब समय आ गया है कि ईरान कोई समझौता कर ले, कहीं ऐसा न हो कि अब बहुत देर हो जाए. और उस देश का कुछ भी बाकी न बचे, जो अब भी एक महान देश बन सकता है.
ट्रंप की ईरान को धमकी- अगर कोई समझौता नहीं किया तो…
इसके अलावा ट्रंप ने अपनी स्पीच में गुरुवार सुबह कहा है कि अगर कोई समझौता नहीं किया गया तो उनके पावर प्लांट पर हमला किया जाएगा. अगर वह समझौता करने के लिए तैयार नहीं होते हैं, तो हम उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों पर भीषण हमला करेंगे और संभवतः एक साथ हमला करेंगे.’ ईरान में सत्ता परिवर्तन को लेकर ट्रंप ने कहा कि हमले लक्ष्य सत्ता परिवर्तन का कभी नहीं था, लेकिन उनके सुप्रीम लीडर की मौत की वजह से सत्ता में बदलाव हुआ है.
इजरायल और अमेरिका के हमले में पुल उड़ाने का दावा
अमेरिका और इजरायल ने मध्य पूर्व के सबसे ऊंचे पुल पर हमला किया है. इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं. यह पुल ईरान के लिए अहम माना जाता है क्योंकि बी-1 ब्रिज तेहरान को करज से जोड़ता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर क्या बोला ईरान?
ईरान ने अमेरिकी धमकियों को नजरंदाज करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और फारस की खाड़ी इलाकों के लेकर कहा है कि एकमात्र अमेरिकी चीज जो है, वही होर्मुज और फारस की खाड़ी से गुजर सकती है, वह केवल अमेरिकी ताबूत हैं, इसके अलावा कुछ भी नहीं है.
अमेरिकी कंपनियों को क्यों निशाना बना रहा ईरान
इधर, ईरान पहले ही खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को निशाने पर लेने की चेतावनी जारी कर चुका है. ईरान ने दावा किया है कि उसने गुरुवार को बहरीन में अमेजन की एक इमारत को निशाना बनाया है. सरकार मीडिया ने बताया है कि ईरान के IRGC ने कहा है कि उसने पड़ोसी देश में अमेजन AWS की इमारत पर एक लक्षित हमला किया है.
IRGC का कहना है कि उसने ऑपरेशन टू प्रॉमिस 3 के तहत अमेजन की इमारत पर यह हमला किया है. बहरीन में क्लाउड कंप्यूटिंग सेंटर पर हुए इस हमले की पुष्टि की है. इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने शुरुआत में कहा था कि नागरिक सुरक्षा दल एक कंपनी की इमारत में लगी आग को बुझा रहे थे. अधिकारियों ने इस घटना को ईरान द्वारा किया गया हमला बताया था. यह पहला हमला है, जब ईरान ने कहा था कि खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा, जिनका अमेरिकी सेना से कोई रिश्ता नहीं है. ईरान ने युद्ध में अमेरिका की मदद कर रहीं कंपनियों की सूची भी जारी की थी. इसमें अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल और अन्य कई बड़ी कंपनियां शामिल होने का दावा किया था.
खाड़ी देशों में कितने लोग इस युद्ध में मारे गए हैं?
इस पूरे क्षेत्र में मौतों का आंकड़े में लगातार इजाफा हुआ है. ईरान में 28 फरवरी से अब तक 2,076 मौतें, 26,500 घायल हुए हैं. लेबनान में 1,345 मारे गए, जिनमें 125 बच्चे शामिल हैं; 4,040 से ज़्यादा घायल हुए हैं. इजरायल में 28 लोग मारे गए हैं. एक को छोड़कर सभी आम नागरिक हैं. इनमें लेबनान में मारे गए 10 इजरायली सैनिक भी शामिल हैं. इसके अलावा 3,223 घायल अस्पताल में भर्ती हुए हैं. अमेरिका के इस लड़ाई में 13 और अन्य तरह से 2 लोग मारे गए हैं. इनमें 200 से ज्यादा घायल हुए हैं. इसके अलावा वेस्ट बैंक में 4 लोग मारे गए हैं. यूएई के 12 लोग मारे गए हैं, वहीं 169 लोग घायल हुए हैं. बहरीन में 3 लोग मारे गए हैं. सऊदी अरब में 2 लोग मारे गए हैं, 20 घायल हुए हैं. कुवैत में 6 लोग मारे गए हैं. ओमान में 3 लोग मारे गए हैं. कतर में 16 लोग घायल हुए हैं. जॉर्डन में 20 लोग घायल हुए हैं. सीरिया में 4 लोग मारे गए हैं. इराक में 107 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.



