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अर्जुन कपूर ने 15 महीनों में 50 किलो घटाया वजन, इस एक्सरसाइज से मिली मदद

‘गुंडे’ एक्टर का ट्रांसफॉर्मेशन एकदम अचानक नहीं हुआ था. एक पुराने इंस्टाग्राम पोस्ट में अर्जुन कपूर ने बताया था कि अपने गोल तक पहुंचने में उन्हें करीब 15 महीने लगे. उनकी रूटीन का सबसे बड़ा हिस्सा वॉकिंग थी, जो आदत उन्होंने बचपन से अपनाई हुई थी.

‘गुंडे’ एक्टर का ट्रांसफॉर्मेशन एकदम अचानक नहीं हुआ था. एक पुराने इंस्टाग्राम पोस्ट में अर्जुन कपूर ने बताया था कि अपने गोल तक पहुंचने में उन्हें करीब 15 महीने लगे. उनकी रूटीन का सबसे बड़ा हिस्सा वॉकिंग थी, जो आदत उन्होंने बचपन से अपनाई हुई थी.

ETimes से बातचीत में उन्होंने बताया कि वॉकिंग हमेशा उनकी मदद क्यों करती है. उन्होंने कहा, 'जब मैं मोटा था, बचपन में भी, मैं एक चीज़ पर विश्वास करता था चलने से बेहतर कुछ नहीं. आज भी जब मुझे वजन कम करना होता है, मैं बस इतना सोचता हूं कि बाहर निकलो और चलो. बस एक्टिव रहो. आप बैठकर पसंदीदा खाना खाते रहो और फिर शिकायत करो कि वजन कम नहीं हो रहा, ये नहीं चलेगा.'

ETimes से बातचीत में उन्होंने बताया कि वॉकिंग हमेशा उनकी मदद क्यों करती है. उन्होंने कहा, ‘जब मैं मोटा था, बचपन में भी, मैं एक चीज़ पर विश्वास करता था चलने से बेहतर कुछ नहीं. आज भी जब मुझे वजन कम करना होता है, मैं बस इतना सोचता हूं कि बाहर निकलो और चलो. बस एक्टिव रहो. आप बैठकर पसंदीदा खाना खाते रहो और फिर शिकायत करो कि वजन कम नहीं हो रहा, ये नहीं चलेगा.’

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ‘2 स्टेट्स’ एक्टर ने कभी बताया था कि वह स्वभाव से बहुत बड़े फूडी हैं. लेकिन जब उन्होंने फिटनेस पर ध्यान देने का फैसला किया, तो उन्होंने जंक फूड पूरी तरह छोड़ दिया. वह ओवरईटिंग से भी बचे रहते थे और शुगर व हाई-कार्ब फूड से दूरी रखते थे. इसकी जगह वो ताज़ी सब्ज़ियां, फल और हाई-प्रोटीन खाना खाते थे ताकि दिनभर एनर्जेटिक और हेल्दी रह सकें.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ‘2 स्टेट्स’ एक्टर ने कभी बताया था कि वह स्वभाव से बहुत बड़े फूडी हैं. लेकिन जब उन्होंने फिटनेस पर ध्यान देने का फैसला किया, तो उन्होंने जंक फूड पूरी तरह छोड़ दिया. वह ओवरईटिंग से भी बचे रहते थे और शुगर व हाई-कार्ब फूड से दूरी रखते थे. इसकी जगह वो ताज़ी सब्ज़ियां, फल और हाई-प्रोटीन खाना खाते थे ताकि दिनभर एनर्जेटिक और हेल्दी रह सकें.

एक इंस्टाग्राम पोस्ट में अर्जुन की डेली डाइट प्लान भी सामने आया था. सुबह वह हाई-प्रोटीन नाश्ता करते थे, ज्यादातर अंडे, और फिर पहले जिम सेशन के लिए निकल जाते थे. दोपहर करीब 1:30 बजे उनका लंच होता था, जिसमें ग्रीक सोवलाकी रैप शामिल था. इसके बाद वह मीटिंग्स और कॉल्स में व्यस्त रहते थे.

एक इंस्टाग्राम पोस्ट में अर्जुन की डेली डाइट प्लान भी सामने आया था. सुबह वह हाई-प्रोटीन नाश्ता करते थे, ज्यादातर अंडे, और फिर पहले जिम सेशन के लिए निकल जाते थे. दोपहर करीब 1:30 बजे उनका लंच होता था, जिसमें ग्रीक सोवलाकी रैप शामिल था. इसके बाद वह मीटिंग्स और कॉल्स में व्यस्त रहते थे.

शाम को वह टर्की सुशी खाते थे, जिसमें प्रोटीन, कार्ब्स, फाइबर और भरपूर एनर्जी होती है. इससे वह दिन के दूसरे वर्कआउट के लिए एक्टिव रहते थे. रात के खाने में वह तुर्किश कबाब खाते थे, जिसे मुहम्मरा सॉस, पुदीना चटनी और पिकल्ड वेजिटेबल्स के साथ सर्व किया जाता था.

शाम को वह टर्की सुशी खाते थे, जिसमें प्रोटीन, कार्ब्स, फाइबर और भरपूर एनर्जी होती है. इससे वह दिन के दूसरे वर्कआउट के लिए एक्टिव रहते थे. रात के खाने में वह तुर्किश कबाब खाते थे, जिसे मुहम्मरा सॉस, पुदीना चटनी और पिकल्ड वेजिटेबल्स के साथ सर्व किया जाता था.

2024 में अर्जुन कपूर ने अपने हेल्थ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उन्हें Hashimoto’s thyroiditis है. यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है और वजन बढ़ने लगता है. एक पुराने इंटरव्यू में The Hollywood Reporter India से उन्होंने कहा था,'मैंने हमेशा इस बारे में बात नहीं की, लेकिन मुझे हैशिमोटो डिज़ीज़ है, जिसमें थायरॉयड ग्लैंड प्रभावित होता है. ऐसी स्थिति में शरीर जल्दी वजन पकड़ लेता है क्योंकि वह हमेशा स्ट्रेस में रहता है, जैसे फाइट-ऑर-फ्लाइट मोड में.'

2024 में अर्जुन कपूर ने अपने हेल्थ को लेकर एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उन्हें Hashimoto’s thyroiditis है. यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है और वजन बढ़ने लगता है. एक पुराने इंटरव्यू में The Hollywood Reporter India से उन्होंने कहा था,’मैंने हमेशा इस बारे में बात नहीं की, लेकिन मुझे हैशिमोटो डिज़ीज़ है, जिसमें थायरॉयड ग्लैंड प्रभावित होता है. ऐसी स्थिति में शरीर जल्दी वजन पकड़ लेता है क्योंकि वह हमेशा स्ट्रेस में रहता है, जैसे फाइट-ऑर-फ्लाइट मोड में.’

उन्होंने यह भी बताया, 'ये बीमारी मुझे 30 साल की उम्र में हुई थी. मेरी मां (मोना शौरी कपूर) और मेरी बहन (अंशुला कपूर) को भी यह प्रॉब्लम थी.अगर आज पीछे मुड़कर देखूं तो समझ आता है कि फिल्मों के दौरान मेरा शरीर कैसे बदलता गया. 2015-16 से लेकर अब तक मैं लगातार इस फिजिकल ट्रॉमा से जूझ रहा हूं, और उसी दौरान मेरी कुछ फिल्में भी उम्मीद के मुताबिक नहीं चलीं.'

उन्होंने यह भी बताया, ‘ये बीमारी मुझे 30 साल की उम्र में हुई थी. मेरी मां (मोना शौरी कपूर) और मेरी बहन (अंशुला कपूर) को भी यह प्रॉब्लम थी.अगर आज पीछे मुड़कर देखूं तो समझ आता है कि फिल्मों के दौरान मेरा शरीर कैसे बदलता गया. 2015-16 से लेकर अब तक मैं लगातार इस फिजिकल ट्रॉमा से जूझ रहा हूं, और उसी दौरान मेरी कुछ फिल्में भी उम्मीद के मुताबिक नहीं चलीं.’

Published at : 06 Dec 2025 12:50 PM (IST)

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