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अयोध्या: डेढ़ साल पहले भी ब्लास्ट में मिट्टी हो गया था मकान, नया घर भी धमाके से ध्वस्त; 18 महीनों में 8 मौतों की कहानी

अयोध्या: डेढ़ साल पहले भी ब्लास्ट में मिट्टी हो गया था मकान, नया घर भी धमाके से ध्वस्त; 18 महीनों में 8 मौतों की कहानी

अयोध्या में एक मकान ब्लास्ट में जमींदोज

अयोध्या में भदरसा-भरतकुंड नगर पंचायत है. इसी नगर पंचायत में पगलाभारी गांव है. इस गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. यहां सिलेंडर ब्लास्ट से एक मकान जमींदोज हो गया. मलबे में दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में पिता, दो बेटे, एक बेटी और एक रिश्तेदार शामिल हैं. बचाव टीम मौके से मलबे को हटा रही है. पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके से सिर्फ पगलाभारी गांव ही नहीं, कई किलोमीटर दूर तक के गांव दहल उठे. लोग हड़बड़ाकर अपने घरों से बाहर भागे, आसमान में धूल का गुबार छा गया था. रामकुमार गुप्ता का नया मकान एक पल में मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था. गांव में अफरातफरी का माहौल था. एक-एक ईंट बिखर चुकी थी. जहां कुछ देर पहले एक घर था, वहां अब सिर्फ तबाही का मंज़र था. रातभर, पुलिस की टीमें, डॉग स्क्वायड के साथ, मलबे को खंगालती रहीं. मृतकों में रामकुमार गुप्ता (मकान मालिक) , उनके 2 बेटे लव (8) और यश, बेटी इशी और साली वंदना शामिल हैं.

अप्रैल 2024 में भी मकान में हुआ था ब्लास्ट

हालांकि, इस गांव में ऐसी घटना कोई पहली बार नहीं घटी है. पिछले साल, अप्रैल 2024 में भी इसी रामकुमार के पुराने मकान में एक ऐसा ही विस्फोट हुआ था. वह हादसा इतना भयानक था कि रामकुमार की मां और पत्नी भी गंभीर रूप से झुलस गईं और बाद में दम तोड़ दिया था. गांव की एक लड़की की भी मलबे में दबकर मौत हो गई थी.

गांववालों की मानें तो रामकुमार का अवैध पटाखों का कारोबार था. वह बड़ी मात्रा में विस्फोटक घर में रखता था. हालांकि, 2024 में जो हादसा हुआ था, उसका भी कारण सिलिंडर ब्लास्ट ही बताया गया था. उस हादसे के बाद रामकुमार गांव छोड़कर, मधुपुर मार्ग पर बाहर मकान बनाकर रहने लगा था. लेकिन इस बार फिर उसी तरह का हादसा हुआ. हालांकि, गांववाले अब भी दबी जुबान में पटाखों की वजह से विस्फोट की बात कर रहे हैं.

इस घटना पर डीएम निखिल टीकाराम फुंटेस ने बताया कि ब्लास्ट की सूचना उन्हें रात करीब सवा सात बजे मिली. इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. मलबा हटाकर सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया, जिनमें बाद में पांच लोगों की मौत हो गई. विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं.

क्या बोले डीएम?

डीएम ने कहा कि शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि धमाका किचन एरिया में हुआ होगा, क्योंकि वहां बर्तन पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल प्रारंभिक अनुमान है और विस्फोट के वास्तविक कारण का पता फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. वहीं, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि रामकुमार ने एक साल पहले गांव के बाहर नया मकान बनवाया था और तब से वह अपने पूरे परिवार के साथ वहीं रह रहा था. उनके मकान के आसपास कोई दूसरा घर नहीं था. ब्लास्ट की जांच की जा रही है.

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