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अमेरिका से ईरान को कौन भेज रहा सीधे मैसेज? अराघची ने किया खुलासा, पहली बार बोले- ‘हम बात करने को तैयार, लेकिन…’

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने अमेरिका से सीधे मैसेज मिलने की बात कही. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि तेहरान वाशिंगटन के साथ ‘बातचीत’ कर रहा है.

क्या बोले अराघची?

अल जजीरा से बातचीत के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि मुझे पहले की तरह ही स्टीव विटकॉफ की ओर से मैसेज मिल रहे हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम बातचीत कर रहे हैं. अराघची ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी के 15 सूत्रीय प्रस्तावों का न ही जवाब दिया है और न ही कोई शर्त रखी है. उन्होंने कहा कि ईरान पूरे क्षेत्र में युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार है, लेकिन अस्थायी युद्धविराम के लिए नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिका के साथ बातचीत करने में कुछ आपत्तियां भी हैं.

अराघची ने यह भी दोहराया कि यूएस के ईरान के किसी भी पक्ष के साथ बातचीत के दावे में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने कहा, सभी संदेश विदेश मंत्रालय के जरिए भेजे या रिसीव किए जाते हैं और सुरक्षा एजेंसियों के बीच संचार होता है. अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का उनका अनुभव कभी अच्छा नहीं रहा. उन्होंने कहा, कई साल पहले अमेरिका के साथ उन्होंने एक समझौता किया था लेकिन यूएस इससे पीछे हट गया. 

ईरानी राष्ट्रपति ने दिए जंग खत्म करने के संकेत

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी मंगलवार (31 मार्च) को कहा कि अमेरिका कूटनीति में भरोसा नहीं रखता है, उन्होने कहा यूएस के साथ बातचीत के दौरान भी ईरान पर दो बार हमला हुआ था. यूरोपीय यूनियन के अध्यक्ष के साथ हुई बातचीत में पेजेश्कियान ने साफ किया कि ईरान इस संघर्ष को खींचना नहीं चाहता है. उन्होंने कहा, हम युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार हैं, लेकिन ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित हो और भविष्य में उस पर होने हमलों को रोकने की गारंटी दी जाए. उन्होंने साफ किया कि ईरान के लोगों के हितों और सुरक्षा की गारंटी के बिना कोई भी समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

जंग पर ट्रंप का बयान

ईरान जंग खत्म करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान सामने आया. उन्होंने कहा, ‘ईरान युद्ध दो से तीन सप्ताह में खत्म हो जाएगा. उन्होंने यह भी दोहराया कि युद्ध को खत्म करने के लिए किसी भी समझौते की जरूरत नहीं है. हमारा एक ही टारगेट था कि उनके पास परमाणु हथियार न हों और वह लक्ष्य पूरा हो गया है. उनके पास परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन हम काम पूरा कर रहे हैं. मुझे लगता है कि शायद दो सप्ताह के भीतर, या शायद कुछ और दिनों में काम पूरा हो जाएगा.’

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