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अनोखा रक्षाबंधन! 20 हजार बहनें, भाई सिर्फ एक… उन्नाव में ऐसे मना राखी का त्योहार

अनोखा रक्षाबंधन! 20 हजार बहनें, भाई सिर्फ एक... उन्नाव में ऐसे मना राखी का त्योहार

समाजसेवी पुष्पेंद्र सिंह को हजारों महिलाओं ने बांधी राखी

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में रक्षाबंधन का पर्व इस बार बेहद खास अंदाज में मनाया गया. पुष्प फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और समाजसेवी पुष्पेंद्र प्रताप सिंह ने सुमेरपुर के बाबू जयशंकर गया प्रसाद महाविद्यालय में भव्य रक्षाबंधन समारोह का आयोजन किया. यह सिलसिला दिनभर चलता रहा, जिससे इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है. इस दौरान पुष्पेंद्र को अलग-अलग गांवों से आई हजारों महिलाओं ने राखी बांधी. इस आयोजन की एक खास बात यह भी रही कि पुष्पेंद्र प्रताप सिंह की कोई सगी बहन नहीं है.

उन्होंने उपस्थित सभी महिलाओं को अपनी बहन मानते हुए जीवन भर उनकी रक्षा और सहयोग का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ रिश्ते कमजोर हो रहे हैं, ऐसे में रक्षाबंधन का यह पर्व महज एक रस्म नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि हमने पूरे राष्ट्र की सेवा का संकल्प लिया है और विधानसभा की सभी महिलाओं को अपनी बहन माना है. मैं सदैव एक भाई का फर्ज निभाने की कोशिश करूँगा.

उन्नाव की राजनीति में हलचल तेज

साथ ही, उन्होंने समाज के हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने और एक सशक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया. इस विशाल कार्यक्रम ने उन्नाव की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है. इसे पुष्पेंद्र प्रताप सिंह की राजनीतिक पारी की शुरुआत माना जा रहा है. समारोह में आई कई महिलाओं ने कहा कि वे उन्हें अपने घर का बेटा मानती हैं, और अगर वे राजनीति में कदम रखते हैं तो उनका पूरा समर्थन करेंगी.

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20 हजार महिलाओं ने बांधी राखी

खुद पुष्पेंद्र ने भी संकेत देते हुए कहा कि वे बजरंगबली के भक्त हैं और जैसा उनका आदेश होगा, वैसा ही करेंगे. इससे उनके राजनीति में आने की अटकलें और तेज हो गई हैं. इस अवसर पर अलग-अलग गांवों और मोहल्लों से आई 20 हजार से ज्यादा महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी और उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना की. महोत्सव में कई जानी-मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया. इसमें स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, क्षेत्र के वरिष्ठजन और मशहूर आल्हा गायिका काजल सिंह शामिल हुई. यह आयोजन केवल धार्मिक पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता और भाईचारे का भी सशक्त संदेश दिया.

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