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अकबर के दरबार में ही नहीं, कानपुर में भी थे ‘नवरत्न’; परिजनों को आज भी मिलती है पुरस्कार राशि

अकबर के दरबार में ही नहीं, कानपुर में भी थे 'नवरत्न'; परिजनों को आज भी मिलती है पुरस्कार राशि

कानपुर के वीर सपूत

उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी शासनादेश के तहत कानपुर के नौ वीरता पुरस्कार प्राप्त सैन्यकर्मियों एवं उनके आश्रितों को वित्तीय वर्ष 2025- 2026 के लिए कुल 7 लाख 15 हजार रुपये की वार्षिकी एवं नगद पुरस्कार राशि के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की है. शासनादेश के अनुसार कीर्ति चक्र एवं शौर्य चक्र से अलंकृत व्यक्तियों को राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य धनराशि प्रदान की जाती है.

इस सूची में सर्वोच्च वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र प्राप्त शहीद मेजर अविनाश सिंह भदौरिया शामिल हैं, जिनकी पत्नी शालिनी भदौरिया को 1 लाख 30 हजार रुपये की वार्षिकी स्वीकृत की गई है. शेष आठ शौर्य चक्र विजेताओं को प्रति व्यक्ति 65 हजार रुपये की वार्षिकी प्रदान की जा रही है.

किन लोगों को मिलता पुरस्कार?

शौर्य चक्र प्राप्तकर्ताओं में मेजर सुनील यादव 2007, शहीद मेजर सलमान अहमद खान 2006, (आश्रित पिता मुख्तार अहमद खान), कर्नल बाबूराम कुशवाहा 1996, कार्पोरल अमर कुमार बाजपेयी 2001, लेफ्टिनेंट अभिनव त्रिपाठी 2011, कैप्टन आदित्य प्रकाश सिंह 2016, जय प्रकाश शर्मा 1989, आसीत कुशवाहा शाहीन 983 तथा मास्टर वारंट ऑफिसर (स्वर्गीय) केशव नाथ उपाध्याय 1979, आश्रित पत्नी श्रीमती कलावती देवी उपाध्याय शामिल हैं.

तीनों सेनाओं के जवान शामिल

इस मामले की खास बात यह है कि सूची में थलसेना और वायुसेना के अधिकारी एवं जवान शामिल हैं. एक ही जिले से तीनों सैन्य धाराओं का प्रतिनिधित्व करते हुए दस अलंकरण प्राप्त वीरों का होना कानपुर नगर को देश के चुनिंदा जिलों की श्रेणी में लाकर खड़ा करता है. प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार ऐसी स्थिति बहुत कम जिलों में देखने को मिलती है.

डीएम ने क्या कहा?

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह वार्षिकी केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि उन सैनिकों और शहीदों के परिजनों के प्रति राज्य सरकार की स्थायी जिम्मेदारी का निर्वहन है, जिन्होंने देश की रक्षा में अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया. एक कीर्ति चक्र और नौ शौर्य चक्र विजेताओं के साथ कानपुर नगर ने एक बार फिर यह स्थापित किया है कि यह जिला केवल ऐतिहासिक रूप से ही नहीं, बल्कि वर्तमान में भी सैन्य सम्मान के मामले में विशिष्ट स्थान रखता है.

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