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Women’s Day 2026: हर नारी में बसती हैं ये 3 देवियां, पहचानिए अपना दिव्य रूप

International Women’s Day 2026: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है. यह दिन विशेषकर दुनियाभर की महिलाओं के अधिकार, समानता, सम्मान और उनके सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा राजनीतिक योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है.

बात करें भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की तो, नारी को देवी समान माना जाता है. माता को जननी, पत्नी को अर्धांगिनी, बहू को लक्ष्मी और बेटी को कन्या माना जाता है. नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि शक्ति, सृजन और संवेदना का जीवंत रूप है. इसलिए शास्त्रों में कहा गया है- “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:” अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है.

हर नारी में बसती है देवी

हर महिला के भीतर अलग-अलग परिस्थिति में विभिन्न शक्ति जागृत होती है. कभी वह साहस बनकर खड़ी होती है, कभी समृद्धि का आधार बनती है, कभी निडर बन जाती है, कभी ज्ञान की ज्योति बनकर परिवार और समाज को दिशा देती है तो कभी ममता की मूरत पर स्नेह और प्रेम लुटाती है. कहा जाता है कि, हर नारी में 3 देवियों का दिव्य रूप होता है.

महिला दिवस पर पहचानें अपना दिव्य रूप

शक्ति रूपा मां दुर्गा- देवी दुर्गा का रूप हमें सिखाता है कि, नारी कमजोर नहीं, बल्कि उसमें अपार शक्ति का स्रोत है. जब कोई महिला अन्याय के खिलाफ खड़ी हो जाती है और अपने परिवार की रक्षा करती है. या फिर कठिन परिस्थितियों से निडर होकर लड़ती है तो उसमें दुर्गा का स्वरूप दिखाई देता है. अगप आप मुश्किल हालातों में मजबूत बनी रहती हैं और अपने परिवार के साथ ढाल बनकर खड़ी रहती हैं को तो आपके भीतर भी देवी दुर्गा के समान दिव्य तेज मौजूद है.

समृद्धि स्वरूपा देवी लक्ष्मी- हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी को धन की देवी, सौभाग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक कहा जाता है. महिला का भी घर की व्यवस्था, आर्थिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में अहम भूमिका होती है. खासकर महिला जब अपने परिश्रम और बुद्धिमत्ता से घर-परिवार की समृद्धि को बढ़ाती है तब वह लक्ष्मी का दिव्य रूप मानी जाती है.

ज्ञान और सृजन स्वरूपा मां सरस्वती- सरस्वती ज्ञान, कला और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं. हर महिला में सीखने और सिखाने की अद्भुत क्षमता होती है. महिला ही बच्चों की पहली शिक्षिका और गुरु होती है. जब महिला अपने बच्चों को शिक्षा और संस्कार देती है तो उसमें देवी सरस्वती का दिव्य रूप नजर आता है.

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