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PAK का झंडा उठाने पर मचा था बवाल… अब फिर से स्कूल जा सकेगी छात्रा, प्रबंधन ने टर्मिनेशन को किया रद्द

PAK का झंडा उठाने पर मचा था बवाल... अब फिर से स्कूल जा सकेगी छात्रा, प्रबंधन ने टर्मिनेशन को किया रद्द

स्कूल की तरफ से छात्रा को मिली क्लीन चिट

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गंगोह इलाके की रहने वाली दसवीं क्लास की एक छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में छात्र सड़क पर चिपके पाकिस्तान के झंडे को उठाते हुए नजर आ रही थी. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो छात्रा हिंदू संगठनों के निशाने पर आ गई. हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद छात्रा को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था. हालांकि, अब स्कूल की तरफ से क्लीन चिट मिल गई है. छात्रा फिर स्कूल जा सकेगी.

स्कूल प्रबंधन ने भी इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई थी. Tv9 ने जब वीडियो की पड़ताल की और छात्रा के परिजन से बात की तो पता लगा कि दसवीं की ये छात्रा जब ट्यूशन से वापसी अपने घर लौट रही थी तो उसने हरे रंग के एक झंडे को सड़क पर चिपका देखा तो वो रुक गई. उसने झंडे को उठाने की कोशिश की थी. कुछ दूर पर खड़े लोगों ने छात्रा के वीडियो को मोबाइल में कैद करके उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और लिखा कि छात्रा का पाकिस्तान के प्रति प्रेम उजागर हो गया.

आखिर क्या हुआ था?

Tv9 ने छात्रा के पिता से फोन पर बात की तो पता चला कि छात्रा ने हरे रंग का झंडा सड़क पर पड़ा देखकर सोचा की कि वो उनके धर्म का झंडा है. लेकिन जब उसने उस हरे रंग के झंडे को गौर से देखा तो पाया कि ये पाकिस्तान का झंडा है. इसके बाद छात्रा ने गुस्से में उस झंडे को वहीं छोड़ दिया और वहां से चली गई थी. जिन लोगों द्वारा यह वीडियो शूट किया गया, उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखना शुरू कर दिया की छात्रा ने पाकिस्तान के झंडे को सड़क से उठाने की कोशिश की.

छात्रा की शिकायत स्कूल में हुई तो स्कूल प्रबंधन ने भी छात्र को निष्कासित कर दिया. छात्र के पिता अयोध्या में श्री राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात हैं. इसके अलावा छात्रा के परिवार से जुड़े लोग पुलिस ओर सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. स्कूल से निष्कासन के बाद छात्रा ने अपनी बात अपने पिता से बताई.

छात्रा ने भी अपना एक वीडियो शेयर करके बताया कि कुछ घटिया मानसिकता के लोगों ने उसके वीडियो को गलत तरीके से सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जबकि वह खुद भारतीय सेना में नौकरी करके देश की सेवा करना चाहती है और वह एनडीए की तैयारी कर रही है. उसका सपना है कि वह एक लेफ्टिनेंट कर्नल बने. पिता के बयान और छात्र के वायरल वीडियो को TV9 ने प्रमुखता से दिखाया.

हिंदू संगठनों ने की थी शिकायत

इसके बाद गंगोह पुलिस ने भी इस मामले की सत्यता को जानने के लिए जांच की थी. इसके अलावा स्कूल प्रबंधन ने पूरे मामले की सिरे से जांच की. साथ ही जिन लोगों ने और जिन हिंदू संगठनों ने छात्रा के स्कूल में शिकायत की थी, उन्होंने गंगोह थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर पीयूष दीक्षित के सामने खेद जताया और कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की बिना पुष्टि किए ये सब हुआ. स्कूल प्रबंधन ने भी छात्रा को क्लीन चिट दे दी है और उसे दोषी नहीं पाया. छात्रा कल से स्कूल जा सकेगी.

छात्रा के पिता जोकि अयोध्या श्री राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात हैं, उन्होंने फोन करके Tv9 का आभार जताया कि उनकी बेटी को इंसाफ मिला है. छात्रा के पिता का कहना है कि गंगोह पुलिस ओर TV9 द्वारा पूरी सत्यता जानी गई. जबकि कुछ मीडिया के साथियों द्वारा खबर की पुष्टि किए बिना उनकी बेटी पर सवाल खड़े कर दिए थे , छात्रा के पिता का कहना है कि मीडिया के लोगो को एक पक्षीय खबरे नहीं चलानी चाहिए.



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