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कौन है रजनीश गंगवार जिन्हें कांवड़ पर लिखी कविता के लिए मिली जान से मारने की धमकी?

कौन है रजनीश गंगवार जिन्हें कांवड़ पर लिखी कविता के लिए मिली जान से मारने की धमकी?

डॉ. रजनीश गंगवार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी कस्बा के एमजीएम इंटर कॉलेज के हिन्दी प्रवक्ता और कवि डॉ. रजनीश गंगवार इन दिनों विवादों से घिरे चुके हैं. कांवड़ यात्रा को लेकर एक कविता गाने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं. हालात ऐसा हो गया है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगी हैं. सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और पोस्ट डाली जा रही हैं. खतरे को देखते हुए उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर सुरक्षा की मांग की है. अब पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है.

दरअसल 12 जुलाई को डॉ. रजनीश गंगवार ने स्कूल की प्रार्थना सभा में एक कविता बच्चों को सुनाई थी, जिसमें उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर सामाजिक और बौद्धिक संदेश देने की कोशिश की. कविता का शीर्षक था तुम कांवड़ लेने मत जाना, ज्ञान का दीप जलाना. इसमें उन्होंने युवाओं से शिक्षा, ज्ञान, विवेक और मानव सेवा की ओर बढ़ने का आह्वान किया था.

कविता वायरल होने पर शुरू हुआ विवाद

लेकिन कविता सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विवाद खड़ा हो गया. कुछ लोगों ने इसे हिंदू धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताते हुए विरोध शुरू कर दिया. महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष सचिन प्रजापति ने 14 जुलाई को बहेड़ी थाने में डॉ. गंगवार के खिलाफ तहरीर दी. रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि यह कविता हिंदू आस्था का अपमान है. जब रिपोर्ट दर्ज हुई मामला बढ़ता देख डॉ. गंगवार ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावना आहत करना नहीं था. वे न तो धर्म विरोधी हैं और न ही सरकार विरोधी. उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनकी कविता से ठेस पहुंची है तो वे क्षमा चाहते हैं.

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और धमकी

कविता के वायरल होने के बाद डॉ. रजनीश गंगवार को लगातार ट्रोल किया जा रहा है. कुछ लोगों ने उन्हें बुद्धिस्ट कहकर प्रचारित करना शुरू कर दिया है और उनके पुराने फोटो वायरल किए जा रहे हैं. स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब किसी ने सोशल मीडिया पर डॉ. गंगवार को जूते मारने वाले को 1200 रुपये इनाम देने की घोषणा की. राजेश कुमार नाम के व्यक्ति द्वारा उन पर की गई टिप्पणी ने माहौल और बिगाड़ दिया. डॉ. गंगवार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उन्हें शक है कि कोई व्यक्ति या समूह उन पर हमला कर सकता है. उन्होंने पुलिस के साथ-साथ जिला अधिकारी (DM), राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग को भी शिकायत भेजी है.

पुलिस शुरू की जांच

बहेड़ी थाना प्रभारी संजय तोमर ने बताया कि डॉ. रजनीश गंगवार की तहरीर मिल गई है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने आश्वासन दिया कि शिक्षक की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा. वहीं डॉ. गंगवार का कहना है कि वे केवल शिक्षा, ज्ञान और मानवता की बात करते हैं. उनका मकसद कभी भी किसी धर्म या परंपरा को अपमानित करना नहीं था.

कौन हैं डॉ. रजनीश गंगवार?

डॉ. रजनीश गंगवार एमजीएम इंटर कॉलेज, बहेड़ी में स्थाई प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं. वे कॉलेज में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी और विभागीय गतिविधियों के नोडल अधिकारी भी हैं. हिन्दी साहित्य में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पीएचडी कर चुके डॉ. गंगवार एक कवि और लेखक हैं. उनकी रचनाएं समय-समय पर आकाशवाणी दूरदर्शन और प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती हैं.

ABVP ने अध्यक्ष पद से हटाया

हाल ही में डॉ. रजनीश गंगवार एक विवाद में घिर गए जब उनकी एक कविता का वीडियो वायरल हुआ। कविता में कांवड़ यात्रा को लेकर कही गई पंक्तिया कांवड़ लेने मत जाना तुम, ज्ञान का दीप जलाना को कुछ संगठनों ने आपत्तिजनक बताया। इस पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने उन्हें नगर अध्यक्ष पद से हटा दिया और उनकी जगह डॉ. हरिनंदन कुशवाह को नियुक्त किया गया। एक शिक्षक और कवि के रूप में डॉ. रजनीश गंगवार की पहचान मजबूत रही है।लेकिन हालिया विवाद ने उनके सार्वजनिक जीवन पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि वे इस स्थिति से कैसे उबरते हैं.



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