यमुना एक्सप्रेस वे हादसे में मरे 13 लोगों में से सिर्फ 3 की शिनाख्त, बाकियों के होंगे DNA टेस्ट

यमुना एक्सप्रेस वे हादसे में मृतकों की पहचान के लिए होंगे डीएनए टेस्ट
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 127 के पास हुए भीषण सड़क हादसे में कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं. इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. जबकि करीब 100 यात्री घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद रेस्क्यू टीमें मौके पर जुटी हुई हैं. मृतकों की पहचान का काम अभी भी जारी है.
यह हादसा मंगलवार तड़के हुआ, जिसमें एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए. बताया जा रहा है कि अचानक एक बस और कार की टक्कर हुई जिसके बाद गाड़ियों में आग लग गई. आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते छह बसें पूरी तरह जलकर कोयले की तरह हो गईं. आग लगने से 13 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. वहीं मौके पर चीख-पुकार मच गई.
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में लगभग 100 यात्री घायल हुए हैं. इनमें से 92 घायलों की सूची प्रशासन द्वारा जारी कर दी गई है. सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है.
13 में से तीन की शिनाख्त
अब तक 13 मृतकों में से केवल तीन लोगों की ही शिनाख्त हो सकी है. जिनकी पहचान हुई है उनके नाम हैं— अखलेन्द्र निवासी प्रयागराज (उम्र 44 वर्ष), रामपाल निवासी दिल्ली (उम्र 75 वर्ष) और सुल्तान निवासी गोंडा. बस हादसे में लाशें इतनी बुरी तरह से झुलस गईं हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है.
प्रशासन ने बताया कि शवों के अवशेषों को 17 बैग में भरकर मोर्चरी भेजा गया है. बाकी मृतकों की पहचान के लिए उनके परिजनों के साथ डीएनए मिलान कराया जाएगा. ताकि यह पता लगाया जा सके कि शव किस परिवार के सदस्य का है. पुलिस मृतकों की जानकारी निकालकर उनके परिजनों से भी संपर्क कर रही है ताकि उनके परिजनों से डीएनए मैच करवाकर शवों की शिनाख्त की जाए.
हादसों के कारणों की होगी जांच
इस हादसे को लेकर मथुरा के डीएम ने एक इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन कर दिया है. यह टीम हादसे के कारणों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी. फिलहाल हादसे की वजह को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. कुछ लोगों का कहना है कि एक बस सड़क किनारे खड़ी थी जिससे पीछे से आ रहे वाहन टकरा गए. वहीं कुछ का मानना है कि घने कोहरे के कारण विजिविलिटी कम थी और तेज रफ्तार की वजह से यह हादसा हुआ.
