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बांग्लादेश की जिस NCP के कारण शेख हसीना का हुआ तख्तापलट, अब चुनाव में जमात-ए-इस्लामी का देगी साथ

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बांग्लादेश में जुलाई आंदोलन के नेताओं की ओर से गठित राजनीतिक दल नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने अगले साल फरवरी 2026 में होने वाले देश में आम चुनावों के लिए इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी से हाथ मिला लिया है. इस गठबंधन की घोषणा जमात के आमीर शफीकुर रहमान ने रविवार (28 दिसंबर, 2025) को की.

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा कि NCP और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) वर्तमान में आठ पार्टियों वाले गठबंधन में शामिल हो गई है, जिसके बाद यह गठबंधन अब 10 पार्टियों का हो गया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम से बात की है और छात्रों की पार्टी रविवार (28 दिसंबर, 2025) की रात तक औपचारिक घोषणा करेगी.

जमात के गठबंधन के फैसले पर NCP के भीतर असंतोष

हालांकि, जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन के फैसले को लेकर एनसीपी के भीतर असंतोष भी सामने आया है. नाहिद इस्लाम के नेतृत्व वाली पार्टी के कई नेताओं ने इस फैसले के विरोध में अपना इस्तीफा देना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी की केंद्रीय समिति के 30 नेताओं ने शनिवार (27 दिसंबर, 2025) को नाहिद इस्लाम को चिट्ठी लिखकर जमात के साथ किसी भी चुनावी समझौते का विरोध किया था.

एक हफ्ते में पार्टी के कई नेताओं ने दिए इस्तीफे

द डेली स्टार ने रविवार (28 दिसंबर, 2025) को अपनी रिपोर्ट में कहा कि एनसीपी की केंद्रीय समिति के 170 से ज्यादा नेताओं ने जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन का समर्थन किया है. वहीं, जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान की घोषणा से ठीक पहले, एनसीपी की संयुक्त संयोजक ताजनुवा जाबीन ने रविवार (28 दिसंबर, 2025) की दोपहर अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक पोस्ट में जाबीन ने पार्टी की नीति-निर्माण प्रक्रिया और जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन की कोशिशों को लेकर गहरी निराशा जताई. इससे पहले गुरुवार (25 दिसंबर, 2025) को एनसीपी के भीतर जमात-विरोधी गुट के प्रमुख नेता मीर अरशादुल हक ने भी इस्तीफा दे दिया था. वह एनसीपी के संयुक्त सदस्य सचिव और चटगांव सिटी यूनिट के चीफ को-ऑर्डिनेटर थे. पिछले एक हफ्ते में पार्टी के भीतर इस्तीफों की झड़ी लग गई है.

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