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UP में टाउनशिप नीति में बड़ा बदलाव, अब 12.5 एकड़ में भी बन सकेगी; फंसे हजारों हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को उन हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है जिनका पैसा और सपना सालों से अटकी पड़ी टाउनशिप परियोजनाओं में फंसा हुआ था. मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 और 2014 में ऐतिहासिक संशोधन को मंजूरी दे दी गई. अब बिल्डरों को सिर्फ 12.5 एकड़ जमीन पर ही टाउनशिप बनाने की इजाजत मिल जाएगी और प्रोजेक्ट पूरा करने की समय-सीमा भी घटाकर 3 से 5 साल कर दी गई है.

इन बदलावों से पहले बिल्डरों के लिए न्यूनतम 25 एकड़ जमीन होना और प्रोजेक्ट को 8 से 12 साल में पूरा करना अनिवार्य था. अब नए नियमों के तहत, बिल्डरों को टाउनशिप शुरू करने के लिए न्यूनतम 12.5 एकड़ जमीन की ही आवश्यकता होगी, और प्रोजेक्ट पूरा करने की समय-सीमा 3-5 साल होगी. जबकि 25 एकड़ तक की टाउनशिप 3 साल में और 25 एकड़ से अधिक की टाउनशिप 5 साल में पूरी करनी होगी. यह समय सीमा पहले के 8-12 साल के मुकाबले काफी कम है.

क्या हैं नए नियम

सरकार ने पुरानी स्वीकृत लेकिन बंद पड़ी परियोजनाओं को दोबारा शुरू करने की पूरी छूट दी है, साथ ही उनकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में संशोधन करने और समय-सीमा बढ़ाने की भी सुविधा प्रदान की है, ताकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ और गाजियाबाद जैसे शहरों में 10-15 साल से लटके प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जा सके. इसमें हजारों लोगों ने अपना जीवन-भर की कमाई लगा रखी है. कई केस तो कोर्ट में भी चल रहे थे. अब सरकार ने बिल्डरों को राहत देकर असल में आम खरीदारों को बचाने का काम किया है.

लोगों को मिलेगा लाभ

इसके अलावा, नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि बिल्डर कम जमीन (12.5 एकड़) पर प्रोजेक्ट करता है, तो बची हुई जमीन को किसी थर्ड पार्टी को बेचा नहीं जा सकेगा, वह केवल उसी प्रोजेक्ट के लिए आरक्षित रहेगी. साथ ही, नए नियम के तहत प्रोजेक्ट के बाहर 10% अतिरिक्त क्षेत्र में भी विकास की अनुमति दी गई है. इन परिवर्तनों से बिल्डरों को आवश्यक राहत मिलेगी और वे समयबद्ध तरीके से परियोजनाएं पूरी करने के लिए बाध्य होंगे, जिससे हजारों लोगों को जल्द से जल्द उनके घर मिल सकेंगे.

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