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UP के इस शहर में भी विराजेंगे भगवान श्रीराम, लगेगी 51 फीट की ऊंची मूर्ति

उत्तर प्रदेश के बरेली को जल्द ही एक नई पहचान मिलने जा रही है. बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की रामगंगा नगर आवासीय योजना के अंतर्गत बनाई जा रही रामायण वाटिका में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी. यह प्रतिमा न सिर्फ शहर के लोगों के लिए आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करेगी. यह मूर्ति देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार और पद्म भूषण से सम्मानित राम सुतार बना रहे हैं, जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसी विश्व प्रसिद्ध मूर्ति भी तैयार की थी. मूर्ति को फिलहाल नोएडा में अंतिम रूप दिया जा रहा है और बीडीए का मानना है कि यह 15 जुलाई तक बरेली पहुंच जाएगी.

दरअसल, बीडीए के अधिशासी अभियंता एपीएन सिंह ने कहा कि जुलाई यानी सावन मास में भगवान श्रीराम की यह मूर्ति रामायण वाटिका में स्थापित की जाएगी. यह जगह रामगंगा नगर की उस आवासीय परियोजना में है, जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से सजाया-संवारा जा रहा है. इस मूर्ति को लगाने की तैयारियां जोरों पर हैं. प्राधिकरण का उद्देश्य है कि यह स्थल सिर्फ एक पार्क या वाटिका न रह जाए, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का केंद्र बन जाए. लोग भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं को करीब से महसूस कर सकें.

राम के वनगमन पथ की दिखेगी झलक

रामायण वाटिका को पूरी तरह से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों के आधार पर सजाया जा रहा है. लगभग 33 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैली इस वाटिका में पहले से ही कई जगहों को रामायण के प्रमुख स्थलों की तरह तैयार किया गया है.

वाटिका की दीवारों और खुले क्षेत्रों में चित्रकूट, दण्डकारण्य, पंचवटी, माता शबरी का आश्रम, किष्किन्धा, अशोक वाटिका, पंपा सरोवर जैसे पौराणिक स्थलों के प्रसंगों को चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया है. इन सब के बीच जब भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित हो जाएगी, तो यह पूरी वाटिका का मुख्य आकर्षण बन जाएगी.

यह वाटिका फूलों से सजाई जा रही है और इसे धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां आने वाले लोग न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेंगे, बल्कि श्रीराम के जीवन से जुड़े पवित्र प्रसंगों की अनुभूति भी कर सकेंगे.

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बरेली में अब तक ज्यादातर पहचान पुराने बाजार, कैंची चौराहा, बरेली की झुमका और सूफी संतों के दरगाहों से जुड़ी रही है. लेकिन रामायण वाटिका और भगवान श्रीराम की विशाल प्रतिमा से शहर को एक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी जाना जाएगा. प्रशासन की मंशा है कि इस स्थान को पूरी तरह धार्मिक-सांस्कृतिक रूप में विकसित किया जाए. इसके लिए पार्क के अंदर मूर्ति स्थापना से पहले आसपास की सजावट, लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा को बेहतर बनाया जा रहा है.

बीडीए अधिकारियों के अनुसार, मूर्तिकार राम सुतार से लगातार संपर्क में हैं और वे मूर्ति को समय पर बरेली लाने के लिए तैयार हैं. जैसे ही मूर्ति आ जाएगी, स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. वहीं रामायण वाटिका में भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा लगने से बरेली को एक नया धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र मिलने जा रहा है. यह न सिर्फ आस्था का प्रतीक होगी बल्कि शहर की पहचान को भी एक नया आयाम देगी.



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