TV9 Exclusive: गोल्डी-रोहित गैंग से हूं… दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग केस में पकड़ा गया आरोपी, खोले कई राज

दिशा पाटनी के घर फायरिंग केस में गिरफ्तार रामनिवास ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने शूटर रामनिवास को गिरफ्तार किया है. रामनिवास रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग का सदस्य है और हरियाणा से बरेली रेकी करने के लिए पहुंचा था. आरोपी से TV9 भारतवर्ष ने एक्सक्लुसिव बातचीत की है जिसमें उसने कई चौंकाने वाले राज खोले हैं.
दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर 11 और 12 सितंबर को ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी. इस हमले में दिशा के पिता बाल-बाल बचे थे. इस फायरिंग के मामले में पुलिस लगातार आरोपियों को तलाश रही है. ऐसे में पुलिस ने एक शूटर को गिरफ्तार किया है. शूटर को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है. उसने कैमरे के सामने इस बात को कबूल किया है कि वह रोहित और गोल्डी गैंग का मेंबर है. पैर में गोली लगने के बाद आरोपी को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. पकड़े गए आरोपी रामनिवास का साफ कहना है कि वह गोल्डी और रोहित गोदारा के गैंग से जुड़ा है. उसने पूरी रेकी की और फायरिंग की घटना में भूमिका निभाई.
चलिए जानते हैं रामनिवास ने किए गए सवालों के जवाब में क्या कहा?
- सवाल: तुम्हारा क्या नाम है?
- आरोपी: रामनिवास
- सवाल: बताइए, कहां से आए थे?
- आरोपी: हरियाणा
- सवाल: किस गैंग से जुड़े हैं?
- आरोपी: रोहित गोदारा, गोल्डी बरार गैंग से
- सवाल: बरेली क्यों भेजा था?
- आरोपी: सर, उनके अरुण और रविंदर से लिंक थे.
- सवाल: बरेली में क्या करने आए थे?
- आरोपी: रैकी करने आए थे. 6 और 7 तारीख को पहली बार आए थे. फिर 9 और 10 तारीख को आए. उसके बाद गोली चलाई थी.
- सवाल: गोली कहां चलाई थी और किस पर?
- आरोपी: दिशा पाटनी के घर पर
- सवाल: गोल्डी बरार ने आपको पैसे दिए थे?
- आरोपी: नहीं सर, मुझे पैसा नहीं मिला. पैसा रविंदर और अरुण को मिला था.
- सवाल: गोल्डी बरार के गैंग से आपके संपर्क में कब से हैं?
- आरोपी: सर, अरुण और रविंदर के जरिए. मुझे लगभग एक महीना हुआ है इनके टच में आए.
- सवाल इनसे मुलाकात कहां हुई थी?
- आरोपी: सोनीपत में.
- सवाल: इससे पहले भी कोई घटना को अंजाम दिया था?
- आरोपी: नहीं-नहीं.
- सवाल: बरेली में आकर कहां रुके थे और किसके संपर्क में रहे?
- आरोपी: सर, होटल में रुके थे. अरुण और रविंदर को सब मालूम था. बरेली के किसी लोकल लोग से मुलाकात नहीं हुई.
- सवाल: आपको कोई पैसा नहीं मिला था?
- आरोपी: नहीं सर
- सवाल: इतने बड़े प्रदेश में आकर ये सब करने में डर नहीं लगा?
- आरोपी: डर था सर, बाबा जी का, योगी जी का.
- सवाल अब पुलिस ने आपको गोली मारी और गिरफ्तार कर लिया. कोई अफसोस है?
- आरोपी: जी सर, पूरा अफसोस है. पढ़ाई भी की थी मैंने.
- सवाल: कितनी पढ़ाई की?
- आरोपी: आठवीं-नवीं तक.
- सवाल: गैंग में शामिल होने का ख्याल कैसे आया?
- आरोपी: सर, पैसे की वजह से और अरुण-रविंदर के संपर्क में आने से.
- सवाल: योगी की पुलिस और बरेली की कानून-व्यवस्था कैसी लगी?
- आरोपी: बहुत बढ़िया है सर, जो होता है, तुरंत होता है.
- सवाल: बरेली की एसओजी टीम को क्या कहना चाहोगे?
- आरोपी: सर, अरुण ने स्प्लेंडर बाइक दिलवाई थी. हम उसी से भाग रहे थे. उत्तराखंड के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने घेर लिया.
- सवाल: बाइक क्यों दिलाई गई थी?
- आरोपी: बाइक अरुण और रविंदर ने दिलाई थी. मेरा काम सिर्फ रेकी करके देना था.
- सवाल: 1112 तारीख को जब फायरिंग हुई, उस समय आप कहां थे?
- आरोपी: उस समय मैं दिल्ली पहुंच गया था.
