विश्व

Turkiye Earthquake Seven Earthquake Victims Dead After Roof Collapsed In Konya

Turkiye Seven Earthquake Victims Dead: तुर्किए (तुर्की) में भूकंप से बड़ी तबाही मची हुई है. हर तरफ मलबों के ढेर बिखरे पड़े हैं. अभी तक लाशें निकाली जा रही हैं. इस बीच तुर्किए के कोन्या (Konya) में भूकंप पीड़ित (Earthquake Victims) 7 लोगों के लिए उस वक्त बड़ी आफत आ गई, जब एक मकान की छत गिर गई.

विनाशकारी भूकंप में तो ये लोग बच गए थे, लेकिन इन लोगों के लिए बदकिस्मती थी कि मकान की छत गिरी और उनकी जान चली गई. जानकारी के मुताबिक आग की घटना के बाद मकान की छत गिर गई थी. तुर्किए (Turkiye) और सीरिया (Syria) में विनाशकारी भूकंप की वजह से अब तक 41 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई है. 

तुर्किए में छत गिरने से 7 लोगों की मौत

टीआरटी हैबर ने शुक्रवार (17 फरवरी) को बताया कि तुर्किए के कोन्या में एक घर की छत गिरने से भूकंप के शिकार हुए सात लोगों की मौत हो गई. दरअसल, तुर्किए में आए भीषण भूकंप से इस घर को कोई नुकसान नहीं हुआ. बताया जा रहा है कि घर में आग लगने से छत नीचे आ गिरी. जिसकी वजह से हादसे में 7 लोग मलबे के नीचे दब गए. राहत और बचाव की टीम ने मलबे से लोगों के शवों को निकाला है.
 
तुर्किए-सीरिया में बढ़ रही मृतकों की संख्या

तुर्किए और सीरिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वॉयस ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों की संख्या 41,000 से पार हो गई है. राहत और बचाव के प्रयास लगातार जारी हैं. भारत समेत दुनियाभर से बचावकर्मी इस काम में जुटे हुए हैं. गुरुवार को तुर्किए के दक्षिणी शहर कहामनमारस में दो महिलाओं को मलबे से निकाला गया था. वहीं, भूकंप के तेज झटकों के करीब नौ दिन बाद अंतक्या में एक मां और दो बच्चों को बचाया गया था.

लाखों लोग हुए बेघर

तुर्किए और सीरिया में बड़ी संख्या में लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है. भूकंप से तबाही के बाद लाखों लोग बेघर हुए हैं. वहीं, बड़ी संख्या में बच्चों के अनाथ होने की भी आशंका है. भारत लगातार दोनों देशों में भूकंप पीड़ितों की मदद करने में जुटा है. भारत ने भूकंप प्रभावित तुर्किए और सीरिया को जीवन रक्षक दवाओं, सुरक्षात्मक वस्तुओं और उपकरणों से लैस आपातकालीन राहत सामग्री भेजी थी. 

ये भी पढ़ें:

Earthquake: क्या भारत और पाकिस्तान में आ सकता तुर्किए-सीरिया जैसा भूकंप? जानें डच रिसर्चर की रिपोर्ट पर साइंटिस्टों की राय

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button