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बांके बिहारी का ‘फूल बंगला’ हुआ महंगा, अब 15000 में नहीं चलेगा काम; देने होंगे इतने लाख रुपए

बांके बिहारी का ‘फूल बंगला’ हुआ महंगा, अब 15000 में नहीं चलेगा काम; देने होंगे इतने लाख रुपए

मथुरा के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर में 29 मार्च से ‘फूल बंगला’ उत्सव की शुरुआत होने जा रही है. यह उत्सव 137 दिनों तक लगातार चलने वाला है. बता दें कि ग्रीष्मकाल (गर्मी) हर साल ठाकुर बांके बिहारी सुबह-शाम फूले बंगले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे. हालांकि, इस बार यह बंगला काफी चर्चाओं में है. इस कारण इसके तैयार होने के दामों में 10 गुना की बढ़ोतरी है.

फूल बंगला बनाने की परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है. बांके बिहारी(कान्हा) को गर्मी के सीजन में भी शीतलता मिलती रहे, इसलिए फूला बंगला तैयार किया जाता है. इसे गुलाब, गेंदा, चमेली, और विदेशी फूलों के साथ-साथ तुलसी और हरे पत्तों से सजाया जाता है. बांके बिहारी मंदिर और सप्त देवालयों में फूल बंगला आज के समय में बहुत ही आधुनिक तरीके बनाए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य कान्हा को गर्मी से बचाना है.

10 गुना बढ़े ‘फूल बंगले’ के दाम

इस बार का फूल बंगला उत्सव कुछ ज्यादा ही चर्चाओं में है, क्योंकि इसके जरिए बांके बिहारी मंदिर कमेटी अपने खजाना भरने जा रही है. बांके बिहारी हाई पावर कमेटी की ओर से जारी एक नए आदेश की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है, जिसमें फूल बंगला तैयार करवाने के लिए अब आपको एक निश्चित राशि कार्यालय में जमा करनी होगी, जिसका रेट भी 10 गुना बढ़ गया है. फूल बंगला बनाने के लिए पहले 15 हजार रुपए कार्यालय में जमा करने होते थे, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 1 लाख 51 हजार रुपए कर दिया गया है.

108 दिन चलेगा उत्सव

यानी 1 दिन में बनने वाले दो फूल बंगलों की रसीद 3 लाख 2 हजार काटी जाएगी. साथ ही मंदिर कमेटी ने यह भी शर्त रखी है कि जिस भी गोस्वामी को फूला बंगला बनवाना होगा. उसे तीन दिन पहले इस बारे में कमेटी को जानकारी देनी होगी और कार्यालय से पैसा जमा कर रसीद कटवानी होगी. इसके बाद ही मंदिर के अंदर फूल बंगला बनाने की अनुमति मिलेगी. बता दें कि इस बार फूल बंगाल महोत्सव 29 मार्च से शुरू हो रहा है, जो कि 12 अगस्त तक चलेगा.

137 दिन तक चलने वाले महोत्सव में प्रतिदिन 2 फूल बंगले बनाए जाएंगे, जिससे मंदिर कमेटी की 4 करोड़ से ज्यादा की आमदनी होगी.

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