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झांसी में काम के नाम पर साइबर ठग ने ले लिए 35 हजार, महिला को लगा सदमा… नदी में कूदकर दे दी जान

झांसी में काम के नाम पर साइबर ठग ने ले लिए 35 हजार, महिला को लगा सदमा... नदी में कूदकर दे दी जान

महिला ने बेतवा नदी में कूदकर दी जान

उत्तर प्रदेश के झांसी में डिजिटल दौर में जहां ऑनलाइन दुनिया रोज़गार के सपने दिखा रही है, वहीं झांसी की एक विवाहिता के लिए यही सपना उसकी मौत की वजह बन गया. बरुआसागर के मिलान मोहल्ला निवासी भावना पाल (उम्र 29 वर्ष) ने साइबर ठगी का शिकार होकर अपनी जान दे दी. शनिवार सुबह उसका शव बेतवा नदी में उतराता मिला. चार दिन से परिजन उसकी तलाश में दर-दर भटक रहे थे. भावना की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. लोग कह रहे हैं कि ऑनलाइन ठगी अब सिर्फ जेब नहीं काटती, जिंदगी भी निगल जाती है.

मूल रूप से झांसी कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव गेट बाहर की रहने वाली भावना की शादी 8 मई 2023 को शेर सिंह से हुई थी. पति शेर सिंह बरुआसागर में एक ढाबा चलाता है. विवाहिता जीवन में कुछ कर दिखाने की चाह रखती थी, इसलिए पिछले महीने उसने सोशल मीडिया पर एक ‘नामी पेंसिल कंपनी’ का विज्ञापन देखा, जिसमें घर बैठे पैकिंग का काम देने और 35-40 हजार रुपये मासिक कमाई का दावा किया गया था.

भावना ने जब विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क किया तो दूसरी तरफ बैठे साइबर जालसाज ने ‘अमानत राशि’ के नाम पर 35 हजार रुपये जमा कराने की बात कही. उसने झांसा दिया कि काम शुरू होते ही पूरी रकम लौटा दी जाएगी. घर में पैसे न होने पर भावना ने अपने भाई और जीजा से उधार लेकर 24 अक्टूबर को जालसाज को पैसे भेज दिए. लेकिन इसके बाद उसके जीवन का ट्रैक ही बदल गया.

ठग का फोन हुआ बंद, टूटा सपना

26 अक्टूबर तक जब कोई जवाब नहीं मिला तो भावना ने जालसाज से संपर्क किया. सामने से जवाब आया — ‘पहले और 10 हजार जमा करो, फिर काम शुरू होगा.’ भावना ने जब इनकार किया और अपने पैसे वापस मांगे तो ठग ने गाली-गलौज कर फोन बंद कर दिया. बस, यहीं से उसके जीवन में सन्नाटा छा गया. पति शेर सिंह के मुताबिक, ‘भावना तब से बहुत गुमसुम रहने लगी थी. खाना भी ठीक से नहीं खा रही थी और बार-बार कहती थी कि मैंने सबका पैसा डुबो दिया.’

पूजा के बहाने निकली और फिर…

28 अक्टूबर की सुबह भावना ने कहा कि वह पूजा करने जा रही है. हाथ में जल से भरा लोटा लेकर घर से निकली — लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटी. परिजनों ने हर जगह तलाश की, सीसीटीवी फुटेज में वह बस स्टॉप के पास आखिरी बार दिखाई दी. मोबाइल भी वह घर पर ही छोड़ गई थी. गुमशुदगी की रिपोर्ट बरुआसागर थाने में दर्ज कराई गई. चार दिन तक कोई सुराग नहीं मिला. शनिवार सुबह जब बेतवा नदी में एक महिला का शव उतराता देखा गया तो पुलिस ने परिजनों को बुलाया. शव देखकर सबकी चीखें निकल पड़ीं, वह भावना ही थी. पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया. उसका 14 माह का मासूम बेटा अब मां को पुकारता फिर रहा है.

साइबर सेल की चेतावनी

साइबर सेल विशेषज्ञ का कहना है कि ‘यह घटना सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, पूरे समाज के लिए सबक है. सोशल मीडिया पर किसी विज्ञापन या स्कीम पर भरोसा करने से पहले पूरी तरह जांच लें. किसी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी को साझा न करें. ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें.’

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