भारत

Retired IAS Officer Badri Lal Swarnkar Tweeted 1943 Commerce Paper Of Fifth Class Users Surprised

1943 Class 5th Commerce Paper: सोशल मीडिया पर 80 साल पुराने पांचवीं कक्षा के एक प्रश्न पत्र की चर्चा है. पूर्व आईएएस अधिकारी बद्री लाल स्वर्णकार (Badri Lal Swarnkar) ने इसे ट्वीट किया है. दावा किया गया है कि प्रश्न पत्र 1943-44 की पांचवीं कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा में कॉमर्स (वाणिज्य) विषय का है. 

बद्री लाल स्वर्णकार ने ट्वीट में प्रश्न पत्र के स्तर पर आश्चर्य जताया है. वहीं, कई यूजर्स ने हैरानी जताई है. रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ने ट्वीट में लिखा, ”भारत में 1943-44 में होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षा में कक्षा पांचवीं के प्रश्न पत्रों का स्तर देखिए. मैट्रिक सिस्टम ने सिस्टम को इतना आसान बना दिया है!”

सोने की कीमतों की गणना और व्यापारिक पत्र लिखने जैसे सवाल

ट्वीट किए गए प्रश्न पत्र में वर्ष का जिक्र है, इसमें ‘कॉमर्स पेपर’ लिखा हुआ भी दिख रहा है. प्रश्न पत्र 100 अंक का है, जिसमें पास होने के लिए कम से कम 33 अंक लाना अनिवार्य दिखाया गया है. इसी के साथ इसे हल करने के लिए ढाई घंटे का समय दिया गया है. प्रश्न पत्र में 10 सवाल हैं और कोई आठ प्रश्न करने को कहा गया है. पेपर में छात्रों से सोने की कीमतों की गणना करने के लिए कहा गया है. इसमें बाजार भाव मंगाने के लिए व्यापारिक पत्र लिखने के लिए भी कहा गया है.

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की ओर से साझा किए गए इस प्रश्न पत्र को लेकर यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ ने हैरानी जताई है तो कुछ एक ऐसे भी है जिन्होंने इसे फेक कहा. एक यूजर ने लिखा कि आखिरी सवाल बेहद दिलचस्प है, एनईपी में इस तरह के सवालों को फिर से जोड़ने की जरूरत है.

‘तभी उस जमाने में 10वीं पास करना बड़ी बात थी’

एक यूजर ने लिखा, ”उस समय के पढ़े होनहार विद्यार्थी बहुत अच्छी जगहों पर होंगे सर‌‌, जैसे आप आईएएस अधिकारी हैं.” पूजा कुमारी नाम की यूजर ने लिखा, ”5वीं कक्षा मैं वाणिज्य. बट्टा तो आज तक मेरी समझ में नहीं आया. तभी उस जमाने में 10वीं पास करना बड़ी बात थी. आज ग्रेजुएशन की भी कोई वैल्यू नहीं रह गई है.”

यह भी पढ़ें- The Kerala Story: फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ को मिले टैक्स छूट, लड़कियों के लिए रखी जाए स्पेशल स्क्रीनिंग- CM केजरीवाल को BJP का पत्र



Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button