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'चीन ने लाल सागर में हमारे जहाज पर किया लेजर अटैक', जर्मनी के आरोप पर आया ड्रैगन का पहला रिएक्शन


<p style="text-align: justify;">चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार (9 जुलाई) को जर्मनी की ओर से लगाए आरोपों को खारिज कर दिया. जर्मनी ने चीन पर आरोप लगाते हुए कहा था कि लाल सागर में एक चीनी युद्धपोत ने एक जर्मन निगरानी विमान पर लेजर का इस्तेमाल कर हमला किया.</p>
<p style="text-align: justify;">जर्मनी का निगरानी विमान यूरोपीय संघ (EU) के मिशन Aspides का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य यमन आधारित हूती विद्रोहियों के हमलों से नागरिक जहाजों की बेहतर तरीके से रक्षा करना था.</p>
<p style="text-align: justify;">जर्मनी के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में यह विमान बिना किसी कारण या पूर्व सूचना के लेजर का शिकार हुआ था और उस समुद्री इलाके में चीनी युद्धपोत की ओर से ऐसा पहले भी कई बार किया जा चुका था. जर्मनी के विदेश कार्यालय ने मंगलवार (8 जुलाई) को कहा कि इस घटना को लेकर जर्मनी में स्थित चीनी राजदूत को तलब किया है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जर्मनी के दावों को किया खारिज</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस मामले के बार में जब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग से डेली न्यूज ब्रीफिंग के दौरान पूछा गया, तब उन्होंने कहा, &ldquo;जैसा कि हमने संबंधित एजेंसियों से जानकारी हासिल की है, उनके मुताबिक जर्मनी की ओर से कही गई बातें उन तथ्यों से बिल्कुल भी मेल नहीं खातीं जो हमारे पास हैं.&rdquo;</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, &ldquo;चीनी नौसेना गल्फ ऑफ अदेन और सोमालिया के पास के जलक्षेत्र में एस्कॉर्ट मिशन चला रही है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा में योगदान करते हुए एक प्रमुख शक्ति होने की जिम्मेदारी निभा रही है.&rdquo; उन्होंने यह भी कहा कि चीन की जर्मनी और यूरोपीय संघ दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">यूरोपियन यूनियन का मिशन केवल नागरिक जहाजों की रक्षा करता है और किसी भी प्रकार के सैन्य हमले में भाग नहीं लेता. वहीं, लाल सागर का दक्षिणी हिस्सा अधिक जोखिम वाला इलाका माना जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ताइवान के वार्षिक सैन्य अभ्यास को लेकर बोले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस बीच जब चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से ताइवान के वार्षिक सैन्य अभ्यास के बारे में पूछा गया, जिसमें आधुनिक अमेरिकी हथियारों का प्रयोग किया जाएगा, तो माओ ने अमेरिका और स्वशासित द्वीप ताइवान के बीच किसी भी सैन्य सहयोग का चीन की ओर से विरोध को फिर से दोहराया.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, &ldquo;डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के अधिकारी अगर ताकत का इस्तेमाल या बाहरी समर्थन से आजादी हासिल करना चाहते हैं, तो उनकी कोई भी कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी.&rdquo;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.toplivenews.in/news/world/israel-orders-to-its-intelligence-officials-and-soldiers-to-learn-arabic-language-and-islamic-studies-due-to-hamas-attack-2976653">इस्लाम को जानो और अरबी सीखो… इजरायल ने अपनी सेना को दिया आदेश; क्या है नेतन्याहू की रणनीति</a></strong></p>

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