भारत

‘इस्लाम का गलत उपदेश…’, मौलाना महमूद मदनी के सुप्रीम कोर्ट वाले बयान पर भड़कीं शमा मोहम्मद

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने शनिवार (29 नवंबर, 2025) को जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. डॉ. शमा मोहम्मद ने मौलाना मदनी से यहां तक कह दिया कि वह लोगों को इस्लाम का गलत उपदेश देना बंद कर दें.

दरअसल, मौलाना महमूद मदनी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीयत उलमा-ए-हिंद के नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग को संबोधित करते हुए जिहाद शब्द को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आपत्ति जताई थी. उन्होंने कहा कि इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसे इस्लाम के पवित्र विचारों को गलत इस्तेमाल, गड़बड़ी और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है.

वहीं, इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए फैसलों पर सवाल उठाए, जिसके बाद कांग्रेस नेता डॉ. शमा मोहम्मद ने भड़क गईं.

मौलाना मदनी के बयान पर बोलीं डॉ. शमा मोहम्मद

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने शनिवार (29 नवंबर, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौलाना महमूद मदनी के कार्यक्रम के दौरान भाषण देते हुए एक वीडियो रिपोस्ट किया. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ‘मैं मौलाना महमूद मदनी से पूछना चाहती हूं कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले में क्या गलत है? यह तो कुरान शरीफ में भी नहीं है! तो कृपया अपने अनुयायियों को इस्लाम का गलत उपदेश देना बंद कर दें! यह हराम है.’

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर क्या बोले मौलाना मदनी?

जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को लेकर कहा, ‘किसी देश में लॉ एंड ऑर्डर और क्राइम-फ्री समाज बनाना इंसाफ के बिना नामुमकिन है. दुख की बात है कि पिछले कुछ सालों में खासकर बाबरी मस्जिद और ट्रिपल तलाक जैसे मामलों में फैसलों के बाद यह आम सोच बन गई है कि कोर्ट सरकारी दबाव में काम कर रहे हैं. अल्पसंख्यकों से जुड़े संवैधानिक नियमों और बुनियादी सिद्धांतों की कई व्याख्याओं ने न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं.’

उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट तब तक ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है, जब तक वह संविधान का पालन करे और कानून के कर्तव्य का ख्याल रखे. अगर वह ऐसा नहीं करता तो वह सर्वोच्च कहलाने का हकदार नहीं है.’

यह भी पढ़ेंः ‘अगर सरकार किसी चीज को थोपे तो…’, राज्यसभा में जय हिंद-वंदे मातरम नारों पर रोक, भड़के पप्पू यादव



Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button