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स्मार्ट मीटर ले रहा जान… 6 माह में 1.25 लाख आया बिजली बिल, सदमे में शख्स की हार्ट अटैक से मौत

स्मार्ट मीटर ले रहा जान… 6 माह में 1.25 लाख आया बिजली बिल, सदमे में शख्स की हार्ट अटैक से मौत

उत्तर प्रदेश इटावा के भरथना क्षेत्र में एक अधेड़ की मौत के बाद बिजली बिल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया. महावीर नगर निवासी 50 वर्षीय शिवपाल की हृदयगति रुकने से मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर में आए भारी बिल और लगातार अनसुनी के कारण शिवपाल गहरे मानसिक तनाव में थे. गुस्साए परिजन शव को विद्युत विभाग कार्यालय ले गए, जिससे मौके पर हंगामा और तनाव का माहौल बन गया.

शव रखकर किया विरोध, कर्मचारियों ने बंद किया दफ्तर

मौत की खबर फैलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शिवपाल का शव भरथना स्थित बिजली विभाग कार्यालय में रख दिया. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए. लोग विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. हालात बिगड़ते देख विभाग के कर्मचारी दफ्तर में ताला डालकर वहां से निकल गए. सूचना मिलने पर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति को किसी तरह संभाला.

स्मार्ट मीटर में 6 महीने का 1.25 लाख का बिल बना वजह

मृतक की बेटी के अनुसार, शिवपाल चाय की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे. पहले उनके यहां पोस्टपेड मीटर था, जिसमें हर महीने घर का 1200 से 1500 रुपए का बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद हालात बदल गए और छह महीने में करीब एक लाख 25 हजार रुपए का बिल आ गया. इस अचानक बढ़े बिल ने परिवार को गहरी चिंता में डाल दिया और शिवपाल लगातार परेशान रहने लगे.

बार-बार विभाग के चक्कर लगाए, नहीं मिला जवाब

परिजनों का कहना है कि इस भारी बिल को सही कराने के लिए शिवपाल कई बार बिजली विभाग के दफ्तर गए, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया और कोई ठोस समाधान नहीं मिला. इस वजह से उनका मानसिक तनाव लगातार बढ़ता गया. परिवार का आरोप है कि इसी दबाव के चलते मंगलवार रात उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी जान चली गई.

विभाग ने मानी तकनीकी गड़बड़ी

मामले में विद्युत विभाग के एसडीओ दिलीप साहू का कहना है कि स्मार्ट मीटर में करीब 1 लाख 25 हजार रुपए का बिल दिख रहा है. उन्होंने माना कि मीटर में किसी तकनीकी खराबी के कारण यह गड़बड़ी हो सकती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला

घटना के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई. काफी देर तक समझाइश के बाद मामला शांत हुआ. इसके बाद परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार कर दिया. फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और जांच की प्रक्रिया जारी है.

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