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8 साल चली ₹170 की कानूनी लड़ाई, अब कानपुर के इस वाटर पार्क को लौटाने होंगे रुपए; 50000 जुर्माना भी लगा

8 साल चली ₹170 की कानूनी लड़ाई, अब कानपुर के इस वाटर पार्क को लौटाने होंगे रुपए; 50000 जुर्माना भी लगा

कानपुर में वाटर पार्क पर लगा जुर्माना

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ब्लू वर्ल्ड वाटर पार्क के खिलाफ 8 साल पहले दर्ज हुए मामले में उपभोक्ता फोरम ने फाइनल फैसला सुना दिया है. दरअसल, वाटर पार्क को टिकट के तौर पर एक छोटे बच्चे से ज्यादा पैसे लेना भारी पड़ गया. उपभोक्ता फोरम ने मामले अब वाटर पार्क को बच्चे से लिए गए 170 रुपए लौटाने का आदेश दिया है. इसके साथ ही फोरम ने जुर्माने के साथ केस की कार्रवाई के दौरान पीड़ित के खर्च हुए पैसों का भुगतान करने का भी आदेश दिया है. शिकायत करने वाले ने इस आदेश पर खुशी जताते हुए कहा है कि यह न्याय की जीत हुई है.

दरअसल, वर्ष 2017 में कानपुर निवासी मनीष कुमार शर्मा ने एक अखबार में ब्लू वर्ल्ड वाटर पार्क का विज्ञापन देखा, जिसमें टिकट के दाम बालिग और बच्चों दोनों के लिए लिखे हुए थे. यह विज्ञापन देखकर मनीष अपनी पत्नी, 4 वर्षीय पुत्री और 14 वर्षीय पुत्र के साथ ब्लू वर्ल्ड वाटर पार्क घूमने चले गए. वहां पहुंचने के बाद टिकट काउंटर पर बच्चों को नाबालिग मानने से इनकार करते हुए मनीष से 170 रुपए ज्यादा लिए गए. मनीष द्वारा इस बात का काफी विरोध किया गया लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई.

8 साल चला केस

इस बात से नाराज मनीष कुमार शर्मा ने ब्लू वर्ल्ड वाटर पार्क को नोटिस भेजी लेकिन उसका भी जवाब नहीं आया. इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल कर दिया. फोरम की तरफ से ब्लू वर्ल्ड को अपने साक्ष्य दाखिल करने के कई मौके दिए गए लेकिन ब्लू वर्ल्ड प्रशासन की तरफ से कोई साक्ष्य दाखिल नहीं किए गए.

उपभोक्ता फोरम का फैसला

उपभोक्ता फोरम ने सर्वसम्मति से ब्लू वर्ल्ड के खिलाफ आदेश पारित करते हुए कहा कि मनीष कुमार शर्मा को 170 रुपए वापस किए जाए. इसके साथ ही ब्लू वर्ल्ड हर्जाने के तौर पर 50 हजार रुपए और मुकदमे में खर्च 6000 रुपए भी अदा करेगा. प्रतिवादी ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि यह न्याय की जीत हुई है. उन्होंने कहा कि ऐसे कितने ही बच्चे होंगे जो नाबालिग होते है लेकिन उनसे पूरे टिकट के पैसे ले लिए जाते हैं.

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