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Noida: 6 दिनों से लापता 5 वर्षीय मासूम का तालाब में मिला शव… वहां तक कैसे पहुंचा बच्चा? जांच कर रही पुलिस

Noida: 6 दिनों से लापता 5 वर्षीय मासूम का तालाब में मिला शव… वहां तक कैसे पहुंचा बच्चा? जांच कर रही पुलिस

ग्रेटर नोएडा की बिसरख कोतवाली क्षेत्र में 6 दिन से लापता 5 वर्ष मासूम का शव गांव में बने तालाब से बरामद होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. बच्चा यहां तक कैसे पहुंचा पुलिस इसकी जांच कर रही है. हालांकि पुलिस प्रथम शुरूआती जांच में खेलते समय तालाब में गिरकर डूबने की आशंका जाता रही है, लेकिन परिजन इस हादसे से इनकार कर रहे हैं. घटना 17 फरवरी की है.

जानकारी के मुताबिक मूल रूप से फर्रुखाबाद निवासी इंद्रपाल अपने परिवार के साथ चिपयाना बुजुर्ग में किराए पर रहते हैं. 17 फरवरी की दोपहर अपने 5 वर्ष के बेटे के साथ कुत्ते वाले मंदिर के पास गए थे. वह मंदिर के पास बैठे थे और बच्चा पास में ही खेल रहा था. कुछ देर बाद बच्चा अचानक से गायब हो गया. काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने बिसरख कोतवाली में बच्चे की गुमशुद की दर्ज कराई.

पुलिस कर रही जांच

थाना प्रभारी बिसरख गोपाल कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने बच्चों की गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन 6 दिनों तक कोई सफलता नहीं मिली. सोमवार को मंदिर के पास स्थित तालाब में शव दिखाई देने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से शव को बाहर निकाला गया.
पहचान होने पर पुष्टि हुई कि वह लापता बच्चे का ही शव है. पुलिस का कहना है की प्रथम दृष्टया मामले डूबने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन बच्चों के तालाब तक पहुंचने की पूरी कड़ी जोड़ी जा रही है. पुलिस आस पास के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है.

तालाब की बदहाल स्थिति

वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों के अनुसार तालाब में आस पास के घरों का गंदा पानी भरा रहता है. मंदिर के पास होने के कारण यहां रोजाना परिवार और बच्चे आते जाते हैं. ऐसे में खुले और असुरक्षित तालाब का होना खतरे को दावत देना है. हाल ही में ग्रेटर नोएडा के पास में खेलते समय एक बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी.

उसे घटना के बाद भी स्थानीय लोगों ने तालाबों की सुरक्षा की मांग उठाई थी, लेकिन कुछ समय बीते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. अब बिसरख की घटना ने एक बार फिर प्रशासन और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं. आखिर लगातार हो रहे हादसों के बावजूद तालाबों की सफाई, खैराबंदी और सुरक्षा व्यवस्था क्यों सुनिश्चित नहीं की जा रही है.

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