उत्तर प्रदेशभारत

NIA डिप्टी SP तंजील अहमद हत्याकांड में HC का बड़ा फैसला, आरोपी रैयान की फांसी की सजा रद्द; कोर्ट ने कहा- तुरंत रिहा करो

NIA डिप्टी SP तंजील अहमद हत्याकांड में HC का बड़ा फैसला, आरोपी रैयान की फांसी की सजा रद्द; कोर्ट ने कहा- तुरंत रिहा करो

Bijnor News: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चर्चित NIA डिप्टी SP मोहम्मद तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना हत्याकांड में एक बार फिर सनसनीखेज फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बिजनौर की सेशन कोर्ट द्वारा दी गई फांसी की सजा को रद्द करते हुए आरोपी रैयान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. साथ ही तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है. बशर्ते वह किसी अन्य मामले में वांछित न हो.

2 अप्रैल 2016 की रात बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर गांव के पास यह वारदात हुई. NIA के डिप्टी SP तंजील अहमद अपनी पत्नी फरजाना और दो छोटे बच्चों के साथ स्योहारा से अपनी भांजी की शादी समारोह से वापस लौट रहे थे. उनकी वैगनआर कार को दो बाइक सवार हमलावरों (मुनीर अहमद और रैयान) ने रोका और अंधाधुंध गोलीबारी कर दी.

डिप्टी SP के 28 गोलियों के निशान मिले थे

तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई. उनके शरीर में 28 गोली के निशान थे. फरजाना गंभीर रूप से घायल हुईं और 10 दिन बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में उनकी मौत हो गई. दोनों बच्चे कार की पिछली सीट पर थे और नीचे छिप गए थे, जो इस भयानक घटना के चश्मदीद गवाह बने.

संपत्ति विवाद में हुआ था मर्डर

शुरू में इस हत्याकांड को आतंकवादी साजिश का एंगल दिया गया, क्योंकि तंजील अहमद देश के कई बड़े टेरर केसों की जांच कर रहे थे, लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि यह व्यक्तिगत दुश्मनी और संपत्ति विवाद का मामला था. मुख्य आरोपी स्थानीय गैंगस्टर मुनीर अहमद और तंजील अहमद के बीच पुरानी रंजिश थी.

2 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी

2022 में बिजनौर सेशन कोर्ट ने मुनीर और रैयान को दोषी ठहराते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी. मुनीर अहमद की 2022 में ही जेल में किडनी इंफेक्शन से मौत हो गई थी. रैयान ने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी. आज हाई कोर्ट ने रैयान की अपील स्वीकार करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा देते समय गंभीर त्रुटि की है. अभियोजन पक्ष का मामला संदेह से भरा हुआ था. गवाहों के बयान अस्पष्ट और विरोधाभासी थे.

कोर्ट ने साफ कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा. रैयान सात अप्रैल 2016 से लगातार जेल में बंद था. हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद परिवार में खुशी की लहर है. वहीं तंजील अहमद परिवार कोर्ट के इस उलटफेर से सकते में है.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button