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दारागंज, लोकनाथ, मालवीय नगर… संगम नगरी के ये इलाके बनेंगे हेरिटेज मोहल्ले, बदल जाएगी इनकी सूरत

दारागंज, लोकनाथ, मालवीय नगर... संगम नगरी के ये इलाके बनेंगे हेरिटेज मोहल्ले, बदल जाएगी इनकी सूरत

प्रयागराज के तीन इलाके हेरीटेज मोहल्ले के रूप में होंगे विकसित.

प्रयागराज की पहचान धार्मिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में रही है. शहर की इस समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के साथ, यहां के कई मोहल्लों की अपनी पहचान रही है. प्रदेश सरकार इन प्राचीन मोहल्लों में तीन मोहल्लों का हेरिटेज मोहल्ले के तौर पर विकास करेगी. शासन ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी देने के साथ और बेहतर प्रस्ताव मांगा है.

नगर निगम प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी का कहना है कि शहर में प्राचीनता और अपने ऐतिहासिक महत्व की पहचान रखने वाले दारागंज, लोकनाथ और मालवीय नगर को हेरीटेज मोहल्ले के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे पारित कर दिया गया है. हर मोहल्ले की एक विशिष्टता है.

Allahabad 1

08 करोड़ की लागत से होगा हेरिटेज मोहल्लों का विकास

ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए शहर के सबसे प्राचीन क्षेत्रों में शामिल दारागंज, लोकनाथ और मालवीय नगर को हेरिटेज मोहल्ले घोषित करने के साथ इन्हें इसी अनुरूप विकसित करने का निर्णय लिया गया है. नगर निगम की ओर से इस बाबत आठ करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था.

नगर आयुक्त सीलम साई तेजा का कहना है कि सरकार ने इस संदर्भ सहयोग का भरोसा दिलाया है. शासन की तरफ से इसे सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है. शासन की तरफ से इन मोहल्लों को हेरिटेज के तौर पर विकसित करने के क्रम में जो कार्य होने है, उसके लिए शीघ्र ही इन मोहल्लों का सर्वे कराकर और स्थानीय लोगों की राय लेकर नया प्रस्ताव तैयार कर शासन भेजा जाएगा.

हेरिटेज मोहल्ले के विकास का तानाबाना होगा तैयार

शहर के इन मोहल्लों को खास पहचान देने के लिए इनके विकास का तानाबाना तैयार किया जा रहा है. इसके अंतर्गत गलियों और सड़कों को उनके पुराने रूप में रखते हुए सजाया और संवारा जाएगा. सड़कों का चौड़ीकरण होगा ताकि पर्यटक वहां तक पहुंच सकें. मोहल्ले के भवनों को एक ही रंग में रंगने की योजना है. खानपान की दुकानों को उसी स्थान पर उसी रूप में विकसित किया जाएगा. विभिन्न स्थानों पर आकर्षक पुरानी डिजाइन वाली स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी. इसके साथ ही इन मोहल्लों के प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक भवनों, विशिष्ट हस्तियों और उनसे जुड़ी स्मृतियों और स्मारकों का सरंक्षण किया जाएगा.

क्यों खास ये प्रयागराज के ये त्रिरत्न

  1. त्रिरत्न का पहला मोहल्ला : इन मोहल्लों में सबसे खास मोहल्ला है लोकनाथ, जिसे भारत रत्नों का मोहल्ला कहा जाता है. इस मोहल्ले से तीन लोगों को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिला, जिसमें पं. जवाहरलाल नेहरू, राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन और पं. मदन मोहन महामना मालवीय शामिल हैं.
  2. त्रिरत्न में दूसरा मोहल्ला: त्रिरत्न में दूसरा मोहल्ला है दारागंज. मुगल शासक शाहजहां के बेटे दारा शिकोह के नाम से बसे इस मोहल्ले की गिनती भी प्रयागराज के सबसे प्राचीन मोहल्लों में होती है. इसी के किनारे महाकुंभ लगता है. महाकवि निराला की जन्मस्थली भी यहीं है. गंगा तट पर बसा, संस्कृत, आध्यात्म और जीवन के गूढ़ रहस्यों का संगम है, जहां वेणी माधव मंदिर, नागवासुकी मंदिर जैसे प्राचीन मंदिर, संस्कृत विद्यालय और आश्रम हैं तो यहीं टोडरमल का किला भी है. तीर्थ पुरोहितों का यह केंद्र है.
  3. त्रिरत्न में तीसरा मोहल्ला: इसके बाद तीसरा मोहल्ला है मालवीय नगर, जहां भारत रत्न और बनारस हिंदू विश्व विद्यालय के स्थापक पंडित मदन मालवीय ने बसाया. इसके अंदर का एक उप मोहल्ला अहियापुर शहर का सबसे पुराना मोहल्ला माना जाता है जिसमें सब कुछ इलाहाबादी अंदाज में आप देख सकते हैं. चाहे बोली, भाषा, परिवहन के शौक, पुराने टांगे और खान पान का अंदाज.

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