‘हेलो UP पुलिस, डॉक्टर गुटखा खाकर इलाज कर रहे हैं…’ इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में युवक का हंगामा; पुलिस ने हिरासत में लिया


उत्तर प्रदेश इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब बंदर के काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे राजस्थान के एक युवक की ड्यूटी डॉक्टर से तीखी बहस हो गई. युवक ने डॉक्टर पर गुटखा खाकर ड्यूटी करने और इंजेक्शन लगाने से मना करने का आरोप लगाया. विवाद बढ़ने पर युवक ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली. पुलिस के पहुंचने के बाद भी युवक इंजेक्शन लगवाने को तैयार नहीं हुआ और पुलिसकर्मियों से भी उलझ गया.
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के सीकर जिले के खाटूश्याम निवासी अशोक मीणा किसी काम से लखनऊ गए थे. वहां से ट्रेन के जरिए इटावा पहुंचे थे और उन्हें शाम करीब सवा चार बजे इटावा रेलवे स्टेशन से राजस्थान के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी. इसी दौरान स्टेशन के बाहर सामान खरीदने जाते समय अचानक एक बंदर ने उनके बाएं हाथ पर काट लिया. घटना के बाद वह इलाज के लिए दोपहर करीब तीन बजे जिला अस्पताल पहुंचे और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए सीधे इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गए.
युवक ने जताई आपत्ति
इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ. राहुल बाबू से इंजेक्शन लगवाने को लेकर युवक की बहस हो गई. युवक का आरोप था कि डॉक्टर मसाला खाकर ड्यूटी कर रहे थे और जब उसने इस बात पर आपत्ति जताई तो डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया. युवक का कहना था कि डॉक्टर ने उससे कहा कि जो करना है कर लो. इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मामला बढ़ते-बढ़ते हंगामे में बदल गया.
जिला अस्पताल पहुंची पुलिस
विवाद बढ़ने पर युवक ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुला लिया. सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे और मामले की जानकारी ली. पुलिस ने डॉक्टर से बातचीत करने के बाद युवक को समझाया कि वह इंजेक्शन लगवा कर अपनी ट्रेन पकड़ ले, लेकिन युवक पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं हुआ. उसने यह कहते हुए इंजेक्शन लगवाने से इनकार कर दिया कि डॉक्टर उसे जहर का इंजेक्शन लगा सकते हैं.
नहीं शांत हुआ युवक
युवक का गुस्सा यहीं नहीं रुका और वह मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी उलझने लगा. उसने दोबारा डायल 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि मौके पर आए पुलिसकर्मी डॉक्टर से मिले हुए हैं और उसकी सही तरीके से मदद नहीं कर रहे हैं. मामले की जानकारी मिलने पर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की मोतीझील चौकी के प्रभारी सुरेश कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और युवक को शांत कराने का प्रयास किया.
पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया
काफी समझाने के बाद भी जब वह नहीं माना, तो पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने भेज दिया. बताया गया कि युवक शराब के नशे में था. करीब आधे घंटे तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामा और बहस का माहौल बना रहा. इस दौरान वहां इलाज कराने आए अन्य मरीज और उनके तीमारदार काफी परेशान होते रहे. अस्पताल स्टाफ को भी स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी.
तीन दिन में दूसरी बार हंगामा
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तीन दिन के भीतर हंगामे की यह दूसरी घटना है. इससे पहले सिविल लाइंस क्षेत्र के सरैया मोहल्ले में सीढ़ियों से गिरकर घायल हुए एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. उस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में जमकर हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट कर की थी. उस समय भी स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस बल बुलाना पड़ा था.
तीन दिन बाद एक बार फिर बाहरी राज्य से आए युवक द्वारा डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए इमरजेंसी में हंगामा किए जाने से अस्पताल की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.
