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मणिकर्णिका घाट जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल को रोकने पर हंगामा, सांसद वीरेंद्र ने पूछा- आखिर कौन-सा सच छिपा रही सरकार?

मणिकर्णिका घाट जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल को रोकने पर हंगामा, सांसद वीरेंद्र ने पूछा- आखिर कौन-सा सच छिपा रही सरकार?

सपा प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह और अन्य सपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया. दरअसल सपा सांसद वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता मणिकर्णिका घाट जाने की तैयारी में थे, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया. इस पर सपा कार्यकर्ता बिफर गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई और सांसद वीरेंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए.

जानकारी के अनुसार, सपा का एक प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट के निरीक्षण के लिए जा रहा था. सपा की ओर से पहले ही घोषणा की गई थी कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाकर वहां मूर्तियों के तोड़े जाने से जुड़े मामले की सच्चाई जानने जाएगा. सपा का दावा है कि पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई है. शुरुआत में कुछ नेताओं को जाने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन बाद में प्रशासन ने जगह-जगह सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया.

अखिलेश यादव ने दिया था निर्देश

सांसद वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह कदम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के निर्देश पर उठाया गया था। शुरुआत में कुछ नेताओं को जाने की अनुमति भी दी गई थी, लेकिन बाद में प्रशासन ने जगह-जगह सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया. प्रतिनिधिमंडल में कुल 11 सदस्य शामिल थे, जिन्हें प्रशासन से अनुमति भी मिली थी. टीम में बलिया से सपा सांसद सनातन पांडेय, चंदौली से सांसद वीरेंद्र सिंह, मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज, एमएलसी आशुतोष सिंहा, पाल समाज के अध्यक्ष महेंद्र पाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.

सपा सांसद ने सरकार पर लगाया बड़ा आरोप

धरने के दौरान मीडिया से बात करते हुए सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन ने पहले सीमित संख्या में मणिकर्णिका घाट जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद कर दिया गया. जैसे ही मैं अपने आवास से बाहर निकला, मुझे भी रोक दिया गया. पहले हमने प्रशासन के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने घाट पर जाने से मना कर दिया. इसके बाद वह धरने पर बैठ गए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन आखिर कौन-सा सच छिपाना चाहता है? मणिकर्णिका घाट जाने से सपा प्रतिनिधिमंडल को क्यों रोका जा रहा है?

प्रशासन ने प्रदर्शन के आह्वान के बाद रोकी अनुमति

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीतू कात्यायन ने बताया कि सांसद अपने आवास से कुछ दूरी पर धरने पर बैठे हैं और घाट जाने की अनुमति की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे पर जिलाधिकारी और प्रशासन के बीच बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी और कई थानों की फोर्स तैनात की गई है. पहले अनुमति दी गई थी, लेकिन सपा नेताओं द्वारा लहुराबीर इलाके में प्रदर्शन के आह्वान के बाद हालात को देखते हुए अनुमति रोक दी गई.

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