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KGMU यौन शोषण और धर्मांतरण मामला: कुलपति के OSD हटाए गए, डिप्टी CM ने दिए जांच के आदेश

KGMU यौन शोषण और धर्मांतरण मामला: कुलपति के OSD हटाए गए, डिप्टी CM ने दिए जांच के आदेश

राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में यौन शोषण और धर्मांतरण के गंभीर आरोपों से घिरे कुलपति के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) को आखिरकार पद से हटा दिया गया है. इस मामले ने पूरे मेडिकल कैंपस में हलचल मचा दी है, जहां हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन और विधान परिषद में उठे सवालों के बाद उप मुख्यमंत्री ने जांच के सख्त आदेश जारी किए हैं. जिसके बाद दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जो नियमों के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल करेगी.

इस मामले की शुरुआत जनवरी में केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग से हुई, जब एक रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने सीनियर रेजिडेंट डॉ. रमीज पर गंभीर आरोप लगाए. पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी ने शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव डाला और यौन शोषण किया.

यूनिवर्सिटी कैंपस में जोरदार विरोध प्रदर्शन

इस शिकायत पर पुलिस में FIR दर्ज हुई, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कार्यालय में तोड़फोड़ तक की और उनके OSD सैय्यद अख्तर अब्बास पर भी धर्मांतरण और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए. संगठनों ने OSD को तत्काल हटाने की मांग की थी.

कुलपति के OSD को पद से हटाया

KGMU के कुलपति ने OSD को रिटायरमेंट के बाद इस पद पर नियुक्त किया था, लेकिन बढ़ते दबाव के चलते प्रशासन को झुकना पड़ा. यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कुलपति के OSD को पद से हटा दिया गया है. फिलहाल, कोई नया OSD नियुक्त नहीं किया गया है. लिपिक संवर्ग के एक कर्मचारी को OSD के कामकाज की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच

उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी. इस बीच, विधान परिषद में OSD सैय्यद अख्तर अब्बास और अन्य कर्मचारियों पर नियम विरुद्ध सेवानिवृत्ति लाभ और पेंशन देने के आरोप उठे. शिकायतों में कहा गया कि तदर्थ कर्मचारियों को बिना विनियमितीकरण के पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ दिए गए, जो नियमों का उल्लंघन है.

दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन

वहीं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया. कमेटी की अध्यक्ष चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव कृतिका शर्मा को बनाया गया है, जबकि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वित्त नियंत्रक को सदस्य नियुक्त किया गया है. चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव सारिका मोहन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. KGMU में इस फैसले से खलबली मच गई है.

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