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मां की तेरहवीं के लिए निकला था परिवार, नहीं थे किराए के पैसे… रात भर चौराहे बैठे रहे

मां की तेरहवीं के लिए निकला था परिवार, नहीं थे किराए के पैसे... रात भर चौराहे बैठे रहे

सड़क किनारे गुजारी पूरी रात (AI जनरेटेड फोटो)

गरीबी किस तरह से लोगों को बेबस कर सकती है. इसका एक जीता जगत मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से सामने आया है, जहां एक परिवार के अपनी मां की तेरहवीं के लिए बिहार जाना चाहता था. पैसे नहीं होने के कारण वह अपने घर नहीं पहुंच गया. परिवार ने पूरी तरह रात एक चौराहे बैठे-बैठे बिता दी. परिवार के पैसा होता तो वह अपनी मां के आखिर काज में शामिल हो पाते. हालांकि, की ऐसा नहीं हो पाया.

बिहार के ऊंचाहार के रहने वाले बिंदेश्वरी प्रसाद कुरुक्षेत्र में मजदूरी करते हैं. उन्हें मां की मौत के बाद बुधवार सुबह मां के त्रयोदशी संस्कार में पहुंचना था. घर पहुंचने के लिए वह समय से अपने परिवार के साथ निकल गए थे. बिंदेश्वरी अपने परिवार के 7 अन्य सदस्यों के साथ मंगलवार देर रात करीब 12 बजे कुरुक्षेत्र से लखनऊ के रवाना हुए थे. इस प्राइवेट बस का किराया प्रति यात्री 800 रुपये था.

अलीगढ़ में बाइक सवारों से टकराई बस

बस अपनी रफ्तार से लखनऊ की तरफ जा रही थी कि इस बीच वह अलीगढ़ में बाइक सवारों से टाकरा गई. बस से टक्कर होते ही सभी बाइक सवार शख्स दूर जमीन पर गिर गए. इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. बस को खाली कराके पुलिस ने उसे जब्त कर लिया. साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर को भी पकड़ लिया. बस से उतारे गए सभी अलग-अलग साधनों से अपने गंतव्य तक पहुंच गए.

रात भर सड़क पर गुजारी रात

इन्हीं में एक परिवार बिंदेश्वरी प्रसाद का भी था, जो रात भर अलीगढ़ के खेरेश्वर चौराहे पर बैठा रहा. सुबह जब उनसे पूरी रात वहीं रुकने और घर नहीं जाने का लोगों ने पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि उनके पास पैसे नहीं है. वह अपनी के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे. लेकिन अब वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं पाएंगे. यह बात सुनते ही कुछ लोगों की मौके पर आंखें भर आई. इसके बाद बस कंडक्टर और अन्य लोगों ने उनको किराये के रुपये देकर घर के लिए रवाना किया.



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