लाइफस्टाइल

Kaaba Kiswa: काबा की पवित्र किस्वा पर हुए खुलासे से दुनिया हैरान, आस्था और सुरक्षा पर उठे सवाल

Kaaba Kiswa Epstein files: सउदी अरब का मक्का पवित्र शहरों मे एक है. मक्का में स्थित काबा दुनियाभर के मुसलमानों के लिए आस्था का केंद्र है. काबा काले रंग के कपड़े से ढका होता है, जिसे किस्वा या गिलाफ-ए-काबा कहा जाता है. किस्वा को हर साल बदला जाता है और फिर नया किस्वा चढ़ाया जाता है.

एपस्टीन फाइल्स में किस्वा पर बड़ा खुलासा

नई एपस्टीन फाइल्स में काबा के पवित्र किस्वा पर ऐसा खुलासा किया गया है, जिसने धार्मिक भावनाओं और सुरक्षा पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 2017 में काबा की किस्वा के कुछ टुकड़े अमेरिका भेजे गए थे और इनकी डिलीवरी अपराधी जेफरी एपस्टीन तक हुई. यह जानकारी सामने आते ही मुस्लिम समुदाय सहित वैश्विक स्तर पर  कई सवाल पैदा करती है. यह खुलासा धार्मिक और नैतिक दोनों आधार पर सवाल पैदा करता है.

एक ईमेल में अल-अहमदी ने कपड़े के धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए लिखा कि यह कपड़ा लाखों मुसलमानों की दुआओं, उम्मीदों और भावनाओं से जुड़ा है. उसने बताया कि लगभग 1 करोड़ मुस्लिमों ने इसे छुआ होगा. हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि, इतनी पवित्र वस्तु को विवादित और अपराधलिप्त व्यक्ति तक क्यों और किस उद्देश्य से पहुंचाया गया है.

किस्वा में सोने-चांदी से पवित्र कुरान की आयतें कढ़ी होती हैं, इसलिए पुराने किस्वे को फेंका नहीं जाता है, बल्कि इसे श्रद्धापूर्वक संभाल कर रखा जाता है. इस्लामिक लैंडमार्क रिपोर्ट की माने तो पुराने किस्वा को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट रख सोने-चांदी के धागे अलग किए जाते हैं और कपड़ों के टुकड़ों को सुरक्षित रखा जाता है. ये टुकड़े इस्लामिक संस्था और मेहमानों को कई बार तोहफे के रूप में भी दिए जाते हैं.

नए साल पर बदलता है काबा का किस्वा

काबा का पवित्र किस्वा इस्लामिक कैलेंडर के नए साल के पहले दिन यानी 1 मुहर्रम को बदलने का रिवाज है. पहले यह रस्म 9 धुल हिज्जा यानी हज के दौरान अदा की जाती थी. लेकिन अब इसे मुहूर्रम की पहली तारीख को बदला जाता है. जानकारी के मुताबिक, कस्वा में करीब 600-700 ग्राम शुद्ध रेशम, 120 किलो सोना और 100 कीलो चांदी के धागों का इस्तेमाल किया जाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button