5 की हत्या, घरों में आगजनी… बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ बढ़ी हिंसा की घटनाएं

बांग्लादेश में कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की दिसंबर महीने में हुई हत्या के बाद देश में लगातार अशांति और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. उस्मान हादी की हत्या के बाद पिछले कुछ हफ्तों में बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदु समुदाय को लगातार निशाना बनाया गया है. बांग्लादेश में कट्टरपंथी लोगों की भीड़ ने हाल ही हफ्तों में पांच अलग-अलग वारदातों में हिंदू समुदाय के पांच लोगों पर भीषण अत्याचार किया और अंत में विभत्स तरीके से उनकी हत्या कर दी.
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता के अनुसार, दिसंबर से अब तक हिंदू समुदाय के 7 लोगों की हत्या हो चुकी है. हालांकि, परिषद ने दो पीड़ितों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी.
किन-किन लोगों की हुई हत्या
दीपू चंद्र दासः बांग्लादेश में मैमनसिंह जिले में बलुका में सबसे पहले 18 दिसंबर, 2025 को अल्पसंख्यक हिंदू शख्स 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की विभत्स तरीके से हत्या कर दी गई. कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में कट्टरवादी भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. बाद में उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया गया. हालांकि, दास की हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
अमृत मंडलः बांग्लादेश में 24 दिसंबर, 2025 को राजबारी कस्ब के पांग्शा उप जिला में जबरन वसूली के आरोप में अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. यह बांग्लादेश में हिंदू शख्स की हत्या की दूसरी घटना थी.
हालांकि, यह बताया गया कि मंडल ने कथित तौर पर एक आपराधिक गिरोह बनाया था और जबरन वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल था. स्थानीय लोगों ने तब उस पर हमला किया जब उसने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर एक निवासी से धन वसूलने की कोशिश की. पुलिस के अनुसार, मंडल के खिलाफ हत्या समेत कम से कम दो मामले दर्ज थे.
खोकन चंद्र दासः वहीं, 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की हत्या बांग्लादेशी हिंदू के साथ हुई तीसरी घटना थी, जिसे कट्टरवादी लोगों की भीड़ ने 31 दिसंबर, 2025 की रात में अंजाम दिया था. हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास 31 दिसंबर की रात अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. इस बीच बदमाशों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया और फिर उन्हें आग लगा दी. दवाओं की दुकान और मोबाइल बैंकिंग करने वाले दास की इस घटना के तीन दिन बाद तीन जनवरी को अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
राणा प्रताप बैरागीः इस कड़ी में बांग्लादेश में बर्फ बनाने की फैक्टरी के मालिक और नरैल से प्रकाशित होने वाले दैनिक बीडी खबर नाम के अखबार के कार्यवाहक संपादक 38 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी की 5 जनवरी, 2026 को दक्षिणी बांग्लादेश के जेस्सोर जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
पुलिस ने बैरागी को प्रतिबंधित पूर्वी बांग्ला कम्युनिस्ट पार्टी का सक्रिय सदस्य बताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वह पार्टी के आंतरिक कलह का शिकार हुए. पुलिस ने कहा कि बैरागी के खिलाफ दो थानों में चार मामले दर्ज हैं. हालांकि, इन मामलों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है.
मोनी चक्रवर्तीः वहीं, बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के पांचवें शख्स की हत्या 5 जनवरी, 2026 को हुई. देश के पलाश उप जिला के चारसिंदूर बाजार में अज्ञात हमलावरों ने किराना दुकान के 40 वर्षीय मालिक की धारदार हथियार से हमला करके हत्या कर दी.
शेख हसीना के तख्तापलट के बाद हिंदुओं के खिलाफ घटनाएं बढ़ी
हालांकि, साल 2024 के अगस्त महीने में शेख हसीना की सरकार के सत्ता से अपदस्थ होने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हुई कई घटनाओं में वहां की हिंदू आबादी प्रभावित हुई है. साल 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में करीब 1.31 करोड़ हिंदू रहते हैं, जो कुल जनसंख्या का लगभग 7.95 प्रतिशत है.
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