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IND-BAN विवाद पर तमीम इकबाल का बड़ा बयान, कहा– ‘भावनाओं से नहीं, जिम्मेदारी से सोचिए’

भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे क्रिकेट तनाव पर अब बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने खुलकर अपनी बात रखी है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इतने बड़े फैसले भावनाओं में बहकर नहीं लेने चाहिए, क्योंकि इसका असर आने वाले 10 साल तक बांग्लादेश क्रिकेट पर पड़ सकता है.

T20 वर्ल्ड कप को लेकर बढ़ता तनाव

फरवरी से भारत में शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) असमंजस में है. बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से मना कर दिया है. बोर्ड ने  ICC से अपने मैच सह-मेजबान श्रीलंका में कराने की मांग की है. यह पूरा विवाद उस समय और गहरा गया, जब बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स ने रिलीज कर दिया. बांग्लादेश में इस फैसले को BCCI के निर्देश से जोड़कर देखा जा रहा है.

तमीम इकबाल की संयम बरतने की सलाह

इस पूरे मामले पर तमीम इकबाल ने Cricbuzz से बातचीत में कहा कि मौजूदा हालात बेहद नाजुक हैं. ऐसे समय में जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा, “अगर सभी पक्ष आपस में बातचीत करें, तो कई समस्याओं का समाधान निकल सकता है.” तमीम ने यह भी कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को यह सोचना होगा कि विश्व क्रिकेट में उसकी स्थिति क्या है और भविष्य में टीम को किस दिशा में ले जाना है. उनके मुताबिक, फैसले इस आधार पर होने चाहिए कि बांग्लादेश क्रिकेट और खिलाड़ियों के लिए लंबे समय में क्या सही है.

BCb को तमीम की राय

पूर्व कप्तान ने साफ कहा कि BCB को एक स्वतंत्र संस्था की तरह काम करना चाहिए. उन्होंने माना कि सरकार की भूमिका अहम होती है और उससे बातचीत जरूरी है, लेकिन अंतिम फैसला बोर्ड को ही लेना चाहिए. तमीम ने कहा, “जनमत भावनाओं से चलता है, लेकिन अगर हर फैसला उसी आधार पर लिया जाए, तो इतनी बड़ी संस्था को चलाना मुश्किल हो जाता है.”

तमीम इकबाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि आज लिया गया कोई भी फैसला अगले 10 साल तक बांग्लादेश क्रिकेट को प्रभावित कर सकता है. इसलिए सोच-समझकर, भावनाओं से ऊपर उठकर वही फैसला लिया जाना चाहिए जो देश के क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में हो. इस बयान के बाद साफ है कि भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों पर चल रहा यह विवाद केवल मौजूदा टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आने वाले वर्षों तक देखने को मिल सकता है. 

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