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अखिलेश यादव ने अब चुनाव आयोग से मांग लिया ‘एफिडेविट’, रसीद शेयर कर किया पलटवार

अखिलेश यादव ने अब चुनाव आयोग से मांग लिया 'एफिडेविट', रसीद शेयर कर किया पलटवार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव.

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा द्वारा दिये गये शपथपत्र प्राप्त नहीं होने का दावा करने वाला आयोग उन हलफनामों की प्राप्ति की पावती पर गौर करे. अखिलेश यादव ने एक्स पर कहा, जो निर्वाचन आयोग यह कह रहा है कि हमें उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए हलफनामे नहीं मिले हैं, वह हमारे शपथपत्रों की प्राप्ति के प्रमाण स्वरूप दी गयी अपने कार्यालय की पावती को देख ले.

उन्होंने कथित रूप से डाक विभाग द्वारा दी गयी रसीदों की तस्वीरें भी टैग करते हुए लिखा, इस बार हम मांग करते हैं कि निर्वाचन आयोग शपथपत्र दे कि यह जो डिजिटल रसीद हमें भेजी गयी है वह सही है, नहीं तो निर्वाचन आयोग के साथ-साथ डिजिटल इंडिया भी शक के घेरे में आ जाएगा. सपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी जाए तो सत्यता आए.

‘वोट डकैती’ के 18 हजार शपथ पत्र

अखिलेश यादव का यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा एक प्रेसवार्ता में ‘वोट चोरी’ और अन्य अनियमितताओं के विपक्ष के आरोपों को गलत बताए जाने के बाद आया है. अखिलेश यादव ने इससे पहले ‘एक्स’ पर एक अन्य संदेश में कहा था कि सपा ने ‘वोट डकैती’ के 18 हजार शपथ पत्र आयोग को दिए थे लेकिन कार्रवाई शून्य है.

निर्वाचन आयोग के कंधों पर लोकतंत्र बचाने का दायित्व

इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान में लोकतंत्र को बचाने का ‘ऐतिहासिक’ दायित्व निर्वाचन आयोग के कंधों पर है और जब आयोग ‘सही रास्ते’ पर चल पड़ेगा तो करोड़ों भारतवासियों का साथ उनका रक्षा कवच बन जाएगा. उन्होंने कहा कि आयोग का एक ‘सही और साहसिक कदम’ देश की अनंत पीढ़ियों का भविष्य और कल्याण सुनिश्चित कर सकता है.

लोकतंत्र को बचाने का ऐतिहासिक दायित्व

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को सुधार ही नहीं, आमूलचूल परिवर्तन की अपरिहार्यता है. आज लोकतंत्र को बचाने का ऐतिहासिक दायित्व उसके कंधों पर है. माना उनके ऊपर कई प्रकार के अवांछित दबाव काम कर रहे हैं लेकिन वो ये न समझे कि वो अकेले हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि जब निर्वाचन आयोग सही रास्ते पर चल निकलेगा तो करोड़ों भारतवासियों का साथ उनका रक्षा कवच बन जाएगा.

उन्होंने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलनेवालों के साथ जनता और जनविश्वास स्वयं चलने लगता है. निर्वाचन आयोग का एक सही और साहसिक कदम देश की अनंत पीढ़ियों का भविष्य और कल्याण सुनिश्चित कर सकता है. सबको अंतरात्मा की आवाज़ सुननी चाहिए.

हलफनामों का कोई जवाब नहीं मिला

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने वोट की डकैती के 18 हजार शपथ पत्र भारत निर्वाचन आयोग को दिए लेकिन कार्रवाई सिफर रही. उन्होंने कहा कि गलत कार्यों और कारनामों की एक लंबी फेहरिस्त बनती जा रही है, जिनका न तो अब तक कोई जवाब आया है और न ही हमारे दिए गए हलफनामों का कोई उत्तर मिला है.

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