Maharashtra Crime Journalist Was Crushed To Death With An SUV When He Wrote An Accused Name In An Article

Maharashtra Crime: महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के राजापुर में एक पत्रकार के मौत की खबर खूब चर्चा में है, इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. मीडिया कर्मियों और पत्रकारों पर आए दिन बढ़ते हमलों पर कई मीडिया संगठनों ने आपत्ति जाहिर की है. बता दें कि पत्रकार शशिकांत वारिशे को उनके दो पहिया वाहन के साथ एक कार ने सोमवार (6 फरवरी) को कुचल दिया था. जिससे उनकी कोल्हापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. पत्रकार वारिशे के परिवार में उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी और 19 वर्षीय एक बेटा है. वारिशे एक स्थानीय मराठी अखबार में काम करते थे और बारसु में रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (आरआरपीसीएल) की स्थापना से संबंधित मुद्दों पर वहां के लोगों द्वारा विद्रोह को कवर कर रहे थे. आरोप है कि इसी के चलते उन्हें कार से कुचल दिया गया.
ये है पूरा मामला
वारिशे सोमवार को रत्नागिरी जिले के राजापुर हाईवे के नजदीक एक पेट्रोल पंप के पास अपने दो पहिया वाहन के साथ खड़े थे. तभी अचानक एक एसयूवी गाड़ी उन्हें तेज रफ्तार से कुचलते हुए कई मीटर तक घसीटती रही. पुलिस ने कहा कि जब तक आसपास के लोग उनकी मदद के लिए आए तब तक आरोपी वहां से भाग चुका था. लोगों ने वारिशे को बेहोशी की हालत में सड़क पर गिरा देख उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया. जहां मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया. रत्नागिरी के पुलिस अधीक्षक धनंजय कुलकर्णी ने कहा कि दोषी की पहचान पंढरीनाथ अंबरकर के नाम से हुई है, जिसके खिलाफ पहले से प्राथमिकी दर्ज थी. उन्होंने आगे कहा कि घटना के तुरंत बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे अदालत में पेश कर दिया गया है. जहां अदालत ने उसे 14 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
पत्रकार वारिशे ने कुछ दिन पहले ही महानगरी टाइम्स पत्रिका के एक आर्टिकल में अंबरकर का नाम लिया था, उन्होंने आरोप लगाया गया था कि वह एक अपराधी है. अंबरकर पर रिफाइनरी का समर्थक होने का आरोप है और कहा जाता है कि रिफाइनरी का विरोध करने वाले स्थानीय लोगों को धमकाने के लिए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज भी की गई थी.
मौत की जांच करने की मांग
अखिल भारतीय मराठी पत्रकार परिषद के किरण नाइक ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और उनकी मौत की जांच कराने की मांग की है. वहीं शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि मौत आकस्मिक नहीं है बल्कि एक स्पष्ट बेईमानी और भूमि दलाल का किया गया हमला है. मैं प्रधानमंत्री को पत्र लिखूंगा और रिफाइनरी पर चर्चा की मांग करूंगा.



