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NEET में कम मार्क्स लाने वाले स्टूडेंट्स टारगेट पर, लखनऊ के ‘स्टडी पाथवे’ में कैसे खेला गया 100 करोड़ की ठगी का खेल? पूरी कहानी

NEET में कम मार्क्स लाने वाले स्टूडेंट्स टारगेट पर, लखनऊ के 'स्टडी पाथवे' में कैसे खेला गया 100 करोड़ की ठगी का खेल? पूरी कहानी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने ठगों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिनके टारगेट NEET में कम मार्क्स लाने वाले छात्र होते थे. पुलिस ने चिनहट के कठौता से ठगी के मास्टरमाइंड प्रेम प्रकाश विद्यार्थी उर्फ़ अभिनव शर्मा और संतोष कुमार को गिरफ्तार किया है. इन दोनों ने अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है.

पुलिस ने बताया कि प्रेम प्रकाश बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है, वहीं संतोष कुमार बिहार के समस्तीपुर का निवासी है. दोनों मिलकर लखनऊ के विभूतिखंड में स्टडी पाथवे नाम से कंसल्टेंसी सेंटर चलाते थे. बाहर से देखने में यह किसी हाई-प्रोफाइल एजुकेशन कंसल्टेंसी से कम नहीं लगता था, लेकिन अंदर नीट छात्रों से ठगी का खेल चल रहा था.

कैसे छात्रों को फंसाते थे?

पुलिस के मुताबिक इनका टारगेट होते थे, वे छात्र जो नीट क्वालीफाई तो कर लेते थे, लेकिन रैंक इतनी अच्छी नहीं आती कि सरकारी या अच्छे प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में सीट मिल जाए. आरोपी ऑनलाइन डाटा बेचने वाली कंपनियों से ऐसे छात्रों की पूरी लिस्ट खरीदते थे. फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर मैसेज करके संपर्क करते. छात्र-अभिभावकों को विभूतिखंड ऑफिस बुलाकर बाराबंकी के हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में मैनेजमेंट कोटे से सीट दिलाने का लालच देते थे. लाखों-करोड़ों रुपये डिमांड ड्राफ्ट, UPI या कैश में वसूल कर गायब हो जाते. पुलिस को शिकायत मिली कि कुछ पीड़ितों से एक ही सीट के लिए 50-50 लाख तक लिए गए, लेकिन न एडमिशन हुआ, न पैसे वापस आए.

18 राज्यों-शहरों में दर्ज हैं मुकदमे

मास्टरमाइंड प्रेम प्रकाश विद्यार्थी के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में 18 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. दिल्ली, बिहार, गुजरात, गोरखपुर, नोएडा, बिजनौर, सहारनपुर, प्रयागराज समेत कई जगहों पर ठगी और जालसाजी के केस दर्ज हैं. वह हर बार नया नाम रखता और लोगों को चूना लगाता रहा.

गिरफ्तारी में क्या मिला?

  • 3 मोबाइल फोन
  • 6 लैपटॉप और कंप्यूटर
  • फर्जी “हिंद मेडिकल कॉलेज” की चेकबुक और मुहरें
  • नकली पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • 4.98 लाख रुपये नकद

दोनों आरोपी चिनहट के एक पॉश अपार्टमेंट में पेंटहाउस किराए पर लेकर रह रहे थे. पुलिस ने बताया कि वे जल्द ही नया ऑफिस खोलकर फिर से यह धंधा शुरू करने की तैयारी में थे. डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा एडमिशन स्कैम है. ऐसे ठग छात्रों के भविष्य के साथ खेलते हैं. पूरे नेटवर्क को जल्द ध्वस्त किया जाएगा. पुलिस ने सभी पीड़ितों से अपील की है कि यदि किसी ने भी स्टडी पाथवे या प्रेम प्रकाश विद्यार्थी/अभिनव शर्मा के माध्यम से कोई लेन-देन किया है, तो तुरंत साइबर क्राइम थाना लखनऊ से संपर्क करें. कई और पीड़ित सामने आने की संभावना है.

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